दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक नई रणनीति तैयार की है। EV पॉलिसी 2.0 के ड्राफ्ट के जरिए सरकार का मकसद न सिर्फ प्रदूषण को कम करना है, बल्कि आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना भी आसान बनाना है। यह नीति अगले तीन वर्षों के लिए बनाई गई है और इसमें कई आकर्षक फायदे शामिल किए गए हैं। इस नई पॉलिसी के तहत सबसे ज्यादा ध्यान छोटे वाहनों पर दिया गया है। इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक खरीदने वाले लोगों को पहले साल में ₹30,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसके साथ ही अगर कोई व्यक्ति अपना पुराना वाहन स्क्रैप करता है, तो उसे ₹10,000 अतिरिक्त मिलेंगे।
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ई -ऑटो चालकों के लिए यह नीति बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। नए इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर ₹50,000 तक की सब्सिडी का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, पुराने CNG ऑटो को हटाने पर ₹25,000 का इंसेंटिव भी दिया जाएगा। इससे परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कार खरीदारों के लिए भी इस नीति में खास ऑफर हैं। अगर कोई व्यक्ति अपनी पुरानी BS-IV कार को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक कार खरीदता है, तो उसे ₹1 लाख तक की छूट मिलेगी। हालांकि यह लाभ सीमित समय और सीमित संख्या के लिए ही उपलब्ध होगा।
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सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को और आकर्षक बनाने के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस को पूरी तरह माफ करने का प्रस्ताव रखा है। इससे वाहन की कुल लागत काफी कम हो जाएगी। स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों पर भी टैक्स में 50% की छूट दी जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी को सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी।
