अगर आप ‘धुरंधर टू ‘ देख रहे हैं, तो आपने महसूस किया होगा कि इस फिल्म के गाने लोगों की भावनाओं को हिला रहे हैं। आप जानते हैं कि फिल्म ने सिर्फ 18 दिनों में 1013 करोड़ का नेट कलेक्शन कर लिया है और विदेशी कमाई मिलाकर यह आंकड़ा 1500 करोड़ के पार जा चुका है। लेकिन सिर्फ कमाई ही नहीं, बल्कि इसकी कहानी और गाने भी दर्शकों को बहुत पसंद आ रहे हैं। आपने देखा होगा कि आदित्य धर ने फिल्म की डिटेलिंग और कास्टिंग में कोई कसर नहीं छोड़ी। पुराने क्लासिक गानों का सही चयन भी दर्शकों को भावुक कर रहा है। विशेष रूप से एक गाना, ‘मन अटकेया बेपरवाह दे नाल’, पूरी फिल्म में सबसे ज्यादा चर्चित हो रहा है। आप जब इसे सुनते हैं, तो जसकीरत सिंह रांगी के दर्द और भावनाओं को महसूस कर सकते हैं। यह गाना शाश्वत सचदेव की आवाज़ में गाया गया है, जिन्होंने इसे कंपोज भी किया है। इसके अलावा वैभव गुप्ता, शहजाद अली और टोकन की आवाज़ भी इसे और ज्यादा खास बनाती है।
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आपको ये जानकर हैरानी होगी कि यह गाना ओरिजिनल नहीं है। इसका पहला वर्जन मशहूर सूफी सिंगर नुसरत फतेह अली खान ने 1992 में रिकॉर्ड किया था। उस समय यह गाना प्यार की गहराई और आत्मा में समाने वाले जज्बात को बयां करता था। आज भी उनकी आवाज़ में यह गाना यूट्यूब पर उपलब्ध है और सुनने वालों को भावनात्मक रूप से जोड़ देता है। आप जब ‘धुरंधर 2’ के पोस्ट क्रेडिट सीन में यह गाना सुनेंगे, तो आपको जसकीरत की कहानी और उसकी भावनाओं की गहराई समझ में आएगी। इससे यह साफ़ होता है कि पुराने गानों का जादू आज भी लोगों की जुबान पर छाया हुआ है। इस फिल्म ने पुराने गानों को नई पहचान दी है। जैसे ‘धुरंधरः द रिवेंज’ में किशोर कुमार और राहत फतेह अली खान के गाने शामिल थे, वैसे ही इस बार भी पुराने सूफी और क्लासिक गानों का जादू बरकरार है। आप यह महसूस करेंगे कि पुराने गानों की चार्म और इमोशन नए गानों में शायद ही उतना दिखता है।
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