कर्नाटक के चित्रदुर्गा जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। होलाल्केरे टाउन में आयुर्वेद की पढ़ाई कर रही 22 वर्षीय छात्रा लिखिता ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के पीछे की वजह जानकर हर कोई स्तब्ध है। लिखिता मल्लाडिहल्ली स्थित एक आयुर्वेद कॉलेज में BAMS की छात्रा थी। उसने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपने इस कदम के पीछे का कारण स्पष्ट रूप से बताया। नोट के अनुसार, उसके कुछ सहपाठी उसका नाम कॉलेज के एक लेक्चरर के साथ जोड़कर अफवाहें फैला रहे थे। यह बात उसके लिए मानसिक रूप से बेहद पीड़ादायक साबित हुई।
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छात्रा ने अपने नोट में उन सहपाठियों के नाम भी लिखे हैं, जिन्होंने उसके बारे में गलत बातें फैलाकर उसका अपमान किया। लगातार हो रहे इस मानसिक उत्पीड़न ने उसे अंदर से तोड़ दिया। वह इस स्थिति को सहन नहीं कर पाई और अंततः उसने अपनी जान दे दी। मामले की जानकारी मिलने पर उसके माता-पिता गहरे सदमे में हैं। दोनों ही शिक्षक हैं और होलाल्केरे में रहते हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली थी, तो उन्होंने अपनी बेटी को समझाने की कोशिश की थी। उन्होंने उसे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और ऐसी बातों को नजरअंदाज करने की सलाह दी थी। लेकिन शायद अंदर ही अंदर वह इस अपमान को सहन नहीं कर पा रही थी।
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इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। होलाल्केरे पुलिस स्टेशन में शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है और इसमें शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह घटना समाज में फैलती अफवाहों और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। यह जरूरी है कि कॉलेज और समाज में ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए और छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सुरक्षित माहौल दिया जाए।
