मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अगले 60 दिनों तक एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कोई कमी नहीं होगी। इसका सीधा मतलब है कि देश की हवाई सेवाएं बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चलती रहेंगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में देश में ATF का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में ATF उत्पादन का एक संतुलित ढांचा अपनाया जाता है, जिसमें लगभग आधा ईंधन घरेलू उपयोग के लिए रखा जाता है, जबकि शेष निर्यात किया जाता है। इस संतुलन के कारण अचानक आई वैश्विक आपूर्ति बाधाओं का असर देश पर सीमित रहता है।
ये भी पढ़ें
‘होर्मुज खोलो, नहीं तो तबाही तय’-डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को कड़ी चेतावनी
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
मिडिल-ईस्ट क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण तेल सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है, लेकिन भारत ने पहले से ही अपनी रणनीति मजबूत कर रखी है। सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित संकट से पहले तैयारी की जा सके। सुरक्षा के मोर्चे पर भी सरकार सतर्क नजर आ रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों के ऑडिट की संख्या बढ़ा दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विमान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें। नियमित निरीक्षण के जरिए संभावित जोखिमों को समय रहते पहचान कर दूर किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें
दिल्ली जा रही एअर इंडिया फ्लाइट की लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग, केबिन से धुआं निकलने पर मची अफरातफरी
इसके अलावा, आपातकालीन लैंडिंग से जुड़े प्रोटोकॉल को भी स्पष्ट किया गया है। मंत्री ने बताया कि किसी भी विमान की आपातकालीन लैंडिंग का निर्णय पूरी तरह सुरक्षा मानकों के आधार पर लिया जाता है। इसमें विमान की स्थिति, मौसम और अन्य तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। हाल ही में हुई विमान दुर्घटना के बाद तकनीकी निरीक्षण को और सख्त किया गया है। DGCA के निर्देशों के अनुसार सभी एयरलाइन ऑपरेटरों ने अपने विमानों की जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद सभी विमान संचालन के लिए सुरक्षित पाए गए हैं। इस तरह, सरकार ने ईंधन आपूर्ति और विमान सुरक्षा दोनों ही मोर्चों पर मजबूत तैयारी की है, जिससे यात्रियों को आने वाले समय में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
