- सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों पर बाहर की दवा लिखने और एक्सरे में कमीशनखोरी के आरोप
- CMO एवं आरोपित डाक्टर के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी : स्वास्थ्य मंत्री
गोरखपुर। गोरखपुर के एचएन सिंह चौराहा निवासी विकास कुमार ने मीडिया को पत्र लिखकर राजकीय चिकित्सालय ( पीएचसी चरगांवा) की महिला चिकित्सक डाॅ स्वाति पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जिला चिकित्साधिकारी और जिलाधिकारी से शिकायत किया है। अपने शिकायती पत्र में विकास कुमार ने बताया कि चरगांवा स्थित राजकीय चिकित्सालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। अस्पताल में बाहर की दवा लिखने के अलावा, कमीशन पर बाहर से एक्सरे तथा अल्ट्रासाउंड कराने के लिए दबाव डाला जा रहा है। सूत्रों की माने तो गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के दौरान भी 1500 से 3000 रुपये लिए जा रहे हैं। मरीजों ने बताया कि राजकीय चिकित्सालय चरगांवा में डाॅ स्वाति द्वारा मरीजों से अभद्रता और इलाज के नाम पर मरीजों का आर्थिक शोषण थमने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल में डॉक्टर स्वाति द्वारा बाहर की दवाएं लिखने और डिलीवरी के दौरान खुलेआम रिश्वत भी लिया जाता है।
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गोरखपुर के एच एन सिंह चौराहा निवासी विकास कुमार ने बताया कि बताया कि वह अपनी पत्नी का इलाज कराने चरगांवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। वहां तैनात डाक्टर स्वाति ने उसे निशुल्क इलाज देने के बजाय बाहर की महंगी और कमीशन वाली दवाएं लिख दीं। प्रबल ने निराशा जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल से मुफ्त इलाज की उम्मीद थी, लेकिन डॉक्टर स्वाति की मिलीभगत से मरीजों को बाहर की दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
क्या है शिकायतें?
इसी तरह राप्ती नगर फेज चार निवासी श्रीमती रीमा द्विवेदी ने भी शिकायत की कि इलाज के दौरान उसे अस्पताल में उपलब्ध दवाएं न देकर बाहर मेडिकल स्टोर से महंगी दवा खरीदने को कहा गया। उनका कहना है कि गरीब मरीज मजबूरी में बाहर की दवा खरीदने को विवश हैं क्योंकि इलाज कराना उनकी जरूरत है। मेडिकल माफिया उन्मूलन संघर्ष समिति, गोरखपुर के अध्यक्ष डाॅ धनंजय मणि ने आरोप लगाया कि राजकीय चिकित्सालय चरगांवा में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बाहर की दवा लिखने के अलावा गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के दौरान भी 1500 से 3000 रुपये तक की रिश्वत खुलेआम लिए जाने की शिकायत मरीज और परिजन कर रहे हैं। विरोध करने पर मरीजों को इलाज से वंचित कर उन्हें दलालों के माध्यम से बहला फुसला कर प्राईवेट अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया जाता है। डाॅ धनंजय मणि ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं कसी गई तो संगठन मेडिकल माफिया उन्मूलन संघर्ष समिति, गोरखपुर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।
क्या बोले अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोरखपुर डाॅ राजेश झा ने पूरे मामले में अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरगांवा के चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते कमीशनखोरी का यह खेल लंबे समय से चल रहा है और मरीजों का आर्थिक शोषण जारी है। आरोप गंभीर, मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) एवं आरोपित डाक्टर के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी : ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तर प्रदेश राजकीय चिकित्सालय चरगांवा में कमीशनखोरी की दवाएं लिखने, कमीशनखोरी पर बाहर से एक्सरे कराने तथा डिलीवरी के दौरान अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) एवं आरोपित डाक्टर के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।
