आशुतोष मिश्रा
नाथनगर/संतकबीरनगर। शुक्रवार को नाथनगर ब्लॉक में जिलाधिकारी आलोक कुमार के औचक निरीक्षण से प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन बीडीओ कार्यालय में भारी अनियमितताएं सामने आईं। टेढ़ी दीवार और घटिया निर्माण सामग्री देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल दीवार गिरवाकर मानक के अनुसार पुनः निर्माण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की गई है।

निर्माण कार्य में लापरवाही उजागर
डीएम ने जब निर्माणाधीन बीडीओ कार्यालय का निरीक्षण किया तो गुणवत्ता में गंभीर खामियां मिलीं। टेढ़ी दीवार और निम्न स्तर की सामग्री देखकर उन्होंने तुरंत काम रुकवाने का आदेश दिया और दोषपूर्ण दीवार को गिराने के निर्देश दिए। डीएम के सख्त रुख से मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी सहम गए।
अभिलेखों की भी हुई गहन जांच
निरीक्षण की शुरुआत में डीएम ने बीडीओ के अस्थायी कार्यालय में बैठकर लेखा-जोखा, भुगतान रजिस्टर, बिल-वाउचर, शिकायत और जनसुनवाई रजिस्टर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। कार्यालय की रखरखाव व्यवस्था पर भी उन्होंने असंतोष जताया। कार्यालय में पुराने और जर्जर फर्नीचर व अलमारियों को देखकर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और बीडीओ कुलदीप कुमार को सरकारी मद से व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी फटकार
ब्लॉक परिसर में गंदगी, रैन गेज सिस्टम के आसपास खराब हालत और खुले आसमान के नीचे रखी मतपेटियां देखकर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने बीडीओ और एडीओ पंचायत को मतपेटियों को सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए। साथ ही, परिसर में बने सामुदायिक शौचालय पर ताला लटका मिलने पर उसे तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान बाल विकास परियोजना कार्यालय से सीडीपीओ बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।

DM के जाते ही हरकत में आए कर्मचारी
जिलाधिकारी के ब्लॉक से निकलते ही कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हथौड़े से घटिया और टेढ़ी दीवार को गिराने का काम शुरू कर दिया। डीएम ने बीडीओ से विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी कार्यों को पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
