आत्मबल और तप की देवी: मां ब्रह्मचारिणी का जीवन मंत्र

WhatsApp Image 2026 03 20 at 3.38.22 PM
बलराम कुमार मणि त्रिपाठी
बलराम कुमार मणि त्रिपाठी

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आज देवी के दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। यह स्वरूप तप, त्याग, संयम और आत्मबल का प्रतीक माना जाता है। मां ब्रह्मचारिणी हमें सिखाती हैं कि जीवन को तपोमय बनाकर हम अपनी आंतरिक शक्ति और तेजस्विता को जागृत कर सकते हैं। तप और संयम से बढ़ती है तेजस्विता जीवन में ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करने से न केवल शरीर पुष्ट होता है, बल्कि हम मानसिक और शारीरिक विकारों से लड़ने की शक्ति भी प्राप्त करते हैं। माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान और गुरु प्रदत्त मंत्रों का जप करने से भगवान भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं।

ये भी पढ़ें

ईरान को बड़ा झटका: इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद की मौत

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

तप की मिसाल: देवी पार्वती

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप स्वयं देवी पार्वती के कठोर तप का प्रतीक है। देवी पार्वती ने अपने गुरु के वचनों पर अटूट विश्वास रखते हुए कठिन तपस्या की, जिससे भगवान शिव प्रसन्न हुए। यह हमें विश्वास, धैर्य और समर्पण का संदेश देता है।
इंद्रियों पर नियंत्रण ही असली साधना

संयम का अर्थ केवल त्याग नहीं, बल्कि अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करना भी है,

वाणी का संयम : आवश्यकता अनुसार ही बोलना

जिह्वा का संयम : स्वाद के पीछे न भागना

नेत्र का संयम : अनावश्यक दृश्यों से बचना

श्रवण का संयम : बाहरी शोर से हटकर भीतर की आवाज सुनना

स्पर्श का संयम: भोग से दूर रहकर आत्मा में स्थिर होना

जब हम इन इंद्रियों को नियंत्रित कर आत्मा को परमात्मा से जोड़ते हैं, तब हमारे भीतर दिव्य शक्तियों का अवतरण होने लगता है। आज की उपासना का रहस्य माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना का सार यही है कि हम अपने भीतर संयम, धैर्य और तप की शक्ति का संचार करें। यही साधना हमें आत्मबल प्रदान करती है और जीवन को श्रेष्ठ दिशा देती है।

ये भी पढ़ें

ईरान को बड़ा झटका: इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद की मौत

वैशाख पूर्णिमा
homeslider Religion

वैशाख पूर्णिमा 2026: आज है पीपल पूनम, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है यह पावन दिन राजेन्द्र गुप्ता वैशाख माह की पूर्णिमा, जिसे पीपल पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है, आज 1 मई 2026 (शुक्रवार) को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। यह दिन भगवान विष्णु और भगवान गौतम बुद्ध को समर्पित […]

Read More
देवी छिन्नमस्ता जयंती
homeslider Religion

देवी छिन्नमस्ता जयंती आज: तांत्रिक शक्ति की आराधना का विशेष दिन, जानें महत्व और कथा

राजेन्द्र गुप्ता हिन्दू धर्म में देवी छिन्नमस्ता तांत्रिक विद्याओं की साधना की देवी मानी जाती हैं। उनका नाम सामने आते हैं, एक शीश (सिर) विहीन देवी का दिव्य स्वरुप आंखों के सामने आ जाता है। उनके एक हाथ में उनका अपना ही कटा हुआ शीश है और दूसरे हाथ में खड्ग धारण की हुई हैं। […]

Read More
Untitled 20 copy
homeslider Religion

प्रदोष व्रत आज: महादेव की कृपा पाने का शुभ दिन, जानें पूजा विधि और जरूरी नियम

राजेन्द्र गुप्ता हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत अधिक महत्व है। मान्यता है कि जो लोग इस शुभ दिन पर व्रत रखते हैं उन्हें सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।  प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव […]

Read More