खामनेई के करीबी शामखानी की भी मौत, जानिए कौन है ईरान का सुप्रीम लीडर खामनेई

Untitled 5 copy
  • चीन और रूस ने की ईरान की तरफदारी, दुनिया पर मंडराने लगा है बड़ा खतरा
  • UNSC में अमेरिका का दावा, ट्रम्प को मारने की थी कोशिश, उसी का लिया बदला

नया लुक डेस्क (श्वेता शर्मा, आशीष द्विवेदी, प्रशांत पाल सूर्यवंशी, धर्मेंद्र सिंह और अंकिता यादव)

तेल अवीव/तेहरान/नई दिल्ली/यूएई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र में कूटनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) की आपात बैठक में अमेरिका ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को निशाना बनाने की कोशिश की थी। अमेरिकी प्रतिनिधि ने इसे क्षेत्रीय अस्थिरता से जोड़ते हुए ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। बैठक के दौरान चीन और रूस ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की आलोचना की। दोनों देशों ने कहा कि हवाई हमले क्षेत्र को और अस्थिर कर सकते हैं और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के करीबी सलाहकार अली शामखानी के मारे जाने की खबर सामने आई है। शामखानी ईरान की रक्षा परिषद के सचिव और शीर्ष सुरक्षा रणनीतिकार माने जाते थे। उनका प्रभाव देश की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अहम निर्णयों में माना जाता था।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

ये भी पढ़ें

मिडिल ईस्ट में संकट, सांसत में लाखों लखनवी, चिंता में करोड़ों भारतीय

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर सईद ईरावानी ने अमेरिकी प्रतिनिधि को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि मैं अमेरिका के प्रतिनिधि को शिष्टाचार बरतने की सलाह देता हूं। यह आपके और उस देश के लिए बेहतर होगा, जिसका आप प्रतिनिधित्व करते हैं। यह बयान सुरक्षा परिषद में बढ़ते तनाव और कूटनीतिक टकराव को दर्शाता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

लंदन में विरोध और जश्न

लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर कुछ प्रदर्शनकारियों के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें इस्लामी शासन के विरोध में नारेबाज़ी और ‘आई लव यू, डोनाल्ड ट्रंप’ जैसे नारे सुनाई दिए। ये प्रदर्शन ईरान के अंदरूनी राजनीतिक विभाजन और प्रवासी समुदाय की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को दर्शाते हैं।

ये भी पढ़ें

मिडिल ईस्ट तनाव का असर, एयर इंडिया की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द

जानिए कौन है ईरान का सुप्रीम लीडर खामनेई
अयातुल्ला अली हुसैनी खामनेई पिछले तीन दशकों से अधिक समय से ईरान के सर्वोच्च नेता हैं और देश की राजनीतिक, धार्मिक और सामरिक दिशा तय करने में उनकी निर्णायक भूमिका रही है। खामनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के पवित्र शहर मशहद में हुआ था। एक धार्मिक परिवार में पले-बढ़े खामनेई ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद इस्लामिक धर्मशास्त्र का अध्ययन मशहद और बाद में कोम में किया। कोम उस समय शिया इस्लामी अध्ययन का प्रमुख केंद्र था और वहीं पर वे साल 1979 की इस्लामिक क्रांति के नेता रुहोल्लाह खामनेईके विचारों से प्रभावित हुए। वर्ष 1970 के दशक में जब ईरान में शाह मोहम्मद रजा पहलवी के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा था, तब खामनेई उन धार्मिक नेताओं में शामिल थे जिन्होंने राजशाही के खिलाफ आंदोलन को मजबूत किया। इस सक्रियता के चलते उन्हें कई बार गिरफ्तार भी किया गया। 1979 की इस्लामिक क्रांति ने ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया और राजशाही का अंत हो गया।

अपने लंबे कार्यकाल के दौरान खामनेई ने पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका और इज़राइल, के प्रति कड़ा रुख बनाए रखा है। वे क्षेत्रीय राजनीति में ईरान की सक्रिय भूमिका और “प्रतिरोध की धुरी” की नीति के समर्थक रहे हैं। समर्थकों के लिए वे इस्लामिक क्रांति की विचारधारा के संरक्षक हैं, जबकि आलोचक उन्हें कठोर और केंद्रीकृत सत्ता का प्रतीक मानते हैं। क्रांति के बाद खामनेई तेजी से सत्ता के केंद्र में उभरे। साल 1981 में, जब ईरान–इराक युद्ध अपने चरम पर था, वे देश के राष्ट्रपति बने। उसी वर्ष एक बम हमले में वे गम्भीर रूप से घायल हुए। इस हमले का असर उनके दाहिने हाथ पर स्थायी रूप से पड़ा, जो आज भी उनके शारीरिक हाव-भाव में दिखाई देता है। राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय अलगाव के कठिन दौर में रहा।

ये भी पढ़ें

मिडिल ईस्ट की सभी उड़ानें रद्द, इज़राइल में फंसे कई भारतीय खबरनवीस, दूतावास अलर्ट पर

साल 1989 में अयातुल्ला खोमैनी की मृत्यु के बाद ईरान की सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक सत्ता के लिए उत्तराधिकारी का प्रश्न उठा। उसी वर्ष खामनेई को देश का सुप्रीम लीडर चुना गया। यह पद ईरान की संवैधानिक व्यवस्था में सबसे शक्तिशाली माना जाता है। सुप्रीम लीडर के रूप में उनके पास सशस्त्र बलों की कमान, न्यायपालिका पर प्रभाव, राज्य प्रसारण तंत्र की निगरानी और विदेश नीति व राष्ट्रीय सुरक्षा पर अंतिम निर्णय का अधिकार है। राष्ट्रपति और संसद जैसे निर्वाचित पद भी इस संरचना में सुप्रीम लीडर के अधीन माने जाते हैं।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider

सोमवार के दिन इन राशियों को मिलेगा व्यापार में धन का लाभ

Today’s Horoscope मेष : अपनी बातों से लोगों को आकर्षित करेंगे। प्रियजन के साथ समय का सदुपयोग होगा। वाद-विवाद और झगड़े से मानसिक कष्ट बढ़ेगा। बच्चों के व्यवहार से मन में निराशा होगी। वृष : पारिवारिक सुख व धन बढ़ेगा। वाणी पर संयम रखें। समाज के कामों में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। आज कहीं से रुका […]

Spread the love
Read More
Food Grade Packaging
Health homeslider

सावधान! देश में समोसा-वड़ा पाव को लेकर बदला नियम, यह गलती की तो हो सकती है कार्रवाई

Food Grade Packaging : यदि आपको भी पेपर, अखबार और रद्दी में बिकने वाले किसी भी पेपर में समोसे या खाने की चीजें मिलती हैं तो इसकी शिकायत आप तुरंत FSSAI से कर सकते हैं। भारत सरकार ने रद्दी पेपर की वजह से पसर रही बीमारियों के रोकथाम के लिए सख्ती करने को तैयार है। […]

Spread the love
Read More
Jail
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

निजी आवास और कार्यालय पर लगे दर्जनों कार्मिकों को हटाएंगे AIG जेल!

Jail शासन ने दिया संबद्ध व अस्थाई ड्यूटी पर लगे जेल कार्मिको को हटाने का आदेश AIG जेल प्रशासन के लिए शासन के आदेश का कोई मायने नहीं जेलों पर अटैच एवं संबद्ध कर्मियों को अभी तक नहीं भेजा मूल तैनाती स्थल बड़ी संख्या में अभी भी कर्मी जेलों और महानिरीक्षक कार्यालयों से संबद्ध प्रदेश […]

Spread the love
Read More