नियमों में ढील से नहीं बनी बात, प्याज किसानों ने सरकार से मांगे बेहतर दाम

Onion Price News

Onion Price News : देश में प्याज की कीमतों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों ने केंद्र सरकार से प्याज के लिए 3000 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम खरीद मूल्य तय करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि वर्तमान में सरकारी एजेंसियों द्वारा की जा रही खरीद उनकी उत्पादन लागत तक को पूरा नहीं कर पा रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार ने हाल ही में प्याज खरीद के नियमों में कुछ राहत दी है, लेकिन किसानों का मानना है कि केवल मानकों में बदलाव से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक उचित मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार संभव नहीं है।

सरकार ने प्याज खरीद नियमों में दी राहत

केंद्र सरकार ने प्याज खरीद के लिए आकार और गुणवत्ता संबंधी नियमों में ढील देने का फैसला किया है। नए नियमों के तहत प्याज के स्वीकार्य आकार की सीमा को 45-65 मिमी से बढ़ाकर 35-70 मिमी कर दिया गया है। इसके अलावा रंग, छिलके की खामियों और हल्की धूप से हुए नुकसान जैसी गुणवत्ता शर्तों को भी आसान बनाया गया है। सरकार का मानना है कि इससे अधिक मात्रा में किसानों की उपज खरीदी जा सकेगी और उन्हें कुछ राहत मिलेगी। लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि असली समस्या खरीद के मानकों की नहीं बल्कि खरीद मूल्य की है।

1,580 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर किसानों की नाराजगी

वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) द्वारा लगभग 1,580 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदा जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह कीमत उत्पादन लागत से भी कम है। खेती में बढ़ती लागत, मजदूरी, सिंचाई, परिवहन और भंडारण खर्च को देखते हुए इस दर पर प्याज बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। किसानों के अनुसार यदि उन्हें उचित मूल्य नहीं मिला तो भविष्य में प्याज उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

किसानों ने 3000 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य की मांग की

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के नेताओं ने सरकार से मांग की है कि प्याज के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य 3000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। किसानों का कहना है कि इस कीमत पर ही उन्हें उनकी मेहनत और लागत का उचित लाभ मिल सकेगा। उनका तर्क है कि लगातार कम दाम मिलने से किसान कर्ज और आर्थिक संकट के दायरे में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा तो कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

नियमों में ढील के बावजूद क्यों परेशान हैं किसान?

नासिक जिला अध्यक्ष जयदीप भदाने ने बताया कि पहले खरीद केंद्रों पर प्याज की ग्रेडिंग के कारण बड़ी मात्रा में उपज अस्वीकार कर दी जाती थी। उदाहरण के तौर पर यदि कोई किसान 30 क्विंटल प्याज लेकर खरीद केंद्र पहुंचता था तो उसमें से केवल 25 क्विंटल प्याज ही स्वीकार किया जाता था। बाकी उपज को किसान को खुले बाजार में कम कीमत पर बेचना पड़ता था।हालांकि नए नियमों के बाद अधिक प्याज की खरीद संभव होगी, लेकिन किसानों का कहना है कि कम कीमत की समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है।

1,500 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी की भी मांग

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि प्याज उत्पादन की औसत लागत लगभग 1,800 रुपये प्रति क्विंटल है। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से किसानों को लागत से कम कीमत पर प्याज बेचना पड़ा है। ऐसे में किसानों ने सरकार से मांग की है कि पिछले 4 से 5 महीनों के दौरान कम दाम पर प्याज बेचने वाले किसानों को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जाए। किसानों का मानना है कि इससे उन्हें हुए नुकसान की आंशिक भरपाई हो सकेगी।

कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है असर

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसानों को लगातार लागत से कम मूल्य मिलता रहा तो भविष्य में प्याज की खेती का रकबा घट सकता है। इसका असर बाजार में आपूर्ति और कीमतों दोनों पर पड़ सकता है।इसलिए सरकार के लिए जरूरी है कि वह किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति तैयार करे।


नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढ़े

सावधान! देश में समोसा-वड़ा पाव को लेकर बदला नियम, यह गलती की तो हो सकती है कार्रवाई

लहसुन खाने का सही समय और फायदे – सुबह खाली पेट क्यों है खास?

टीम इंडिया से बाहर होने पर MSK प्रसाद का दावा, सूर्या को मिला है आराम

 

 

 

 

Spread the love

One thought on “नियमों में ढील से नहीं बनी बात, प्याज किसानों ने सरकार से मांगे बेहतर दाम”

Comments are closed.

Business International

महाघोटालाः फर्जी कम्पनी, फर्जी दस्तावेज, फर्जी निदेशक और पैसा ऐंठा असली

एक बोगस कम्पनी में डायरेक्टर बनाकर करोड़ों रुपये डकारे, विदेश भेजा नोएडा महाघोटाला के बाद रायपुर में पकड़े गए फर्जी कम्पनी बनाने वाले Company Fraud : साइबर फ्रॉड, बैंक फ्रॉड के बाद अब लोगों ने GST फ्रॉड और कम्पनी फ्रॉड करना शुरू कर दिया है। पहले कम्पनी बनाते हैं, उसमें लाखों की वसूली करते हैं। […]

Spread the love
Read More
India-Nepal Trade
Business Uttar Pradesh

सीमा पार व्यापार को रफ्तार डायरेक्ट नेपाल पहुंची भारतीय मालगाड़ी

India-Nepal Trade: भारत और नेपाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को नया विस्तार देते हुए कोलकाता बंदरगाह से चली पहली सीधी कमर्शियल मालगाड़ी नेपाल के विराटनगर स्थित ‘नेपाल कस्टम्स यार्ड’ पहुंच गई है। इस पर खुशी व्यक्त करते हुए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भरोसा जताया है कि क्रॉस-बॉर्डर कार्गो ट्रेन सेवाएं लॉजिस्टिक्स लागत को कम […]

Spread the love
Read More
Business

भारत के शहर अब और बनेंगे HighTech, सरकार ने उतार दी बड़ी योजना, जानें कैसे शहर बनेंगे स्मार्ट

URBAN CHASLLENGE FUND के तहत 31 हजार 000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी   Urban Challenge Fund : आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अर्बन चैलेंज फंड के दिशा-निर्देश अंतिम रूप दिए जाने के महज 20 से 25 दिनों के भीतर 31 हजार 000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। […]

Spread the love
Read More