उमेश चन्द्र त्रिपाठी
भैरहवा नेपाल ! जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री उपेन्द्र यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी मधेश के मुद्दों और मधेशी जनता के अधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत है। सोमवार को भैरहवा में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में अध्यक्ष यादव ने कहा कि मधेश आंदोलन, समावेशिता और अधिकार के सवाल पर जसपा नेपाल स्पष्ट एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की चर्चाओं और वास्तविक जनाधार में अंतर होता है, इसलिए राजनीतिक मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टिकोण जरूरी है।
यादव ने बताया कि उनकी पार्टी संविधान संशोधन, प्रदेश और स्थानीय तह को स्रोत–साधन हस्तांतरण कर अधिकार संपन्न बनाने, गरीबी और बेरोजगारी दूर करने, भ्रष्टाचार नियंत्रण, सुशासन, आर्थिक विकास और समृद्धि जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुदलीय व्यवस्था स्थापित होने के 35 वर्षों में 30 बार सरकार बदल चुकी है। राजनीतिक अस्थिरता के लिए उन्होंने नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल को जिम्मेदार ठहराया।
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यादव ने कहा, “राजनीतिक स्थिरता न होने के कारण अपेक्षित आर्थिक विकास नहीं हो सका। देश राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, नैतिक और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संकट से घिरा हुआ है। लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व करने वाले दल सरकार में बने रहने और अन्य दलों को विभाजित करने में केंद्रित रहे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार नियंत्रण, सुशासन, उद्योग, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं होने से जनता में निराशा बढ़ी है। निजीकरण और आर्थिक उदारीकरण के नाम पर स्वदेशी उद्योगों और कल-कारखानों की बिक्री से जनता में आक्रोश है।
अध्यक्ष यादव ने दावा किया कि वर्तमान संविधान व्यापक सहमति के बिना जारी किया गया था, इसलिए इसमें संशोधन और पुनर्लेखन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निवेश सुरक्षा की गारंटी और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण नेपाल में निवेशक आकर्षित नहीं हो पा रहे हैं। पत्रकार सम्मेलन में रूपन्देही क्षेत्र नंबर 4 के प्रत्याशी सर्वेन्द्र नाथ शुक्ला समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
