पटना के मसौढ़ी इलाके से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। 10वीं की बोर्ड परीक्षा में देरी से पहुंचने पर प्रवेश न मिलने से आहत एक छात्रा ने कथित तौर पर चलती ट्रेन से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने इलाके में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल पैदा कर दिया है। मृत छात्रा की पहचान कोमल कुमारी के रूप में हुई है, जो मसौढ़ी के खरजमा गांव की रहने वाली बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, उसकी परीक्षा बरनी स्थित एक केंद्र पर निर्धारित थी। परीक्षा का समय सुबह 9:30 बजे था, जबकि रिपोर्टिंग टाइम 9:00 बजे तक तय किया गया था। बताया जाता है कि कोमल परीक्षा केंद्र पर लगभग 9:10 बजे पहुंची।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब वह केंद्र पहुंची तो गेट बंद हो चुका था। छात्रा ने अंदर जाने की कोशिश की और बार-बार अनुरोध किया कि परीक्षा शुरू होने में अभी समय है, उसे प्रवेश दे दिया जाए। परंतु नियमों का हवाला देते हुए गेट नहीं खोला गया। कुछ लोगों का कहना है कि वह गेट के बाहर काफी देर तक विनती करती रही, लेकिन उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। निराश और हताश होकर कोमल वापस लौट आई। बाद में उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। परिवार का आरोप है कि अगर समय रहते उसे परीक्षा में बैठने दिया जाता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
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यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि परीक्षा प्रणाली और समय-सीमा के नियमों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के जीवन में अहम मोड़ मानी जाती हैं और ऐसे में छोटी-सी चूक भी मानसिक दबाव को कई गुना बढ़ा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। वहीं शिक्षाविदों का कहना है कि परीक्षा नियमों के पालन के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता भी जरूरी है। फिलहाल पूरा क्षेत्र इस दुखद घटना से स्तब्ध है और परिवार गहरे सदमे में है।
