मुंबई से मिले संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में आईटी और सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी रही, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। 30 शेयरों वाला BSE Sensex करीब 248 अंकों की गिरावट के साथ 83,203 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि 50 शेयरों वाला NSE Nifty 50 लगभग 70 अंक फिसलकर 25,655 के स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स की सूची में शामिल आईटी दिग्गजों जैसे Infosys, Tata Consultancy Services और HCL Technologies में कमजोरी देखी गई। इसके अलावा बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के कुछ बड़े शेयर भी दबाव में रहे। दूसरी ओर, ITC Limited, State Bank of India और Sun Pharmaceutical जैसे शेयरों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि आईटी सेक्टर को लेकर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, जब तक आईटी कंपनियों के मूल्यांकन आकर्षक स्तर पर नहीं आते, तब तक बड़े संस्थागत निवेशक इस सेक्टर में आक्रामक निवेश से बच सकते हैं। ऐसे में पूंजी का रुख बैंकिंग, फाइनेंशियल्स, ऑटो और फार्मा जैसे क्षेत्रों की ओर हो सकता है, जहां आय की स्पष्टता बेहतर है।
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एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों का भी असर भारतीय बाजार पर पड़ा। जापान का Nikkei 225 एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त में रहा, जबकि चीन और हांगकांग के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। अमेरिकी बाजारों में मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में सतर्कता का माहौल दिखा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले सत्र में शुद्ध खरीदारी की, जिससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि के निवेशक अभी भी भारतीय बाजार की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक हैं। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
