भारत की राजधानी दिल्ली में हाल ही में आयोजित AI Summit India 2026 का आयोजन हुआ। यह समिट एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और भविष््य की टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कार्यक्रम है। इसमें दुनियाभर की टॉप ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों के लीडर्स और अंतरराष्ट्रीय पॉलिटिकल लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं। यह पहली बार है जब एआई का यह बड़ा ग्लोबल समिट भारत में हो रहा है। इससे पहले यह समिट यूके, दक्षिण कोरिया और पेरिस जैसे देशों में आयोजित किया जा चुका है। इस समिट का मकसद है कि एआई और नई टेक्नोलॉजी के बारे में चर्चा की जाए और यह समझा जाए कि आने वाले समय में ये टेक्नोलॉजी हमारे जीवन, उद्योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर क्या प्रभाव डालेंगी। इस समिट में खास बात यह है कि यह समिट ‘इंक्लूसिव’ और ‘इम्पैक्टफुल’ एआई के भविष्य पर बात करेगा। इसका मुख्य फोकस है कि कैसे एआई का इस्तेमाल समाज के सभी तबकों की मदद के लिए किया जा सकता है और इसका सकारात्मक प्रभाव हो।
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समिट को तीन मुख्य भागों में बांटा गया है: People (लोग), Planet (पृथ्वी), और Progress (विकास)। इसमें 7 वर्किंग ग्रुप्स बनाए गए हैं, जो मिलकर इस नए टेक्नोलॉजी के फायदों और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। इसमें दुनियाभर के लीडर्स मिलकर यह तय करेंगे कि क्या नियम-कानून और गवर्नेंस सिस्टम होने चाहिए ताकि एआई का सही और सुरक्षित उपयोग किया जा सके। इस समिट में कुल 700 से अधिक सेशन्स रखे गए हैं। इन सेशन्स में एआई की सुरक्षा, नैतिकता, डेटा प्रोटेक्शन के बारे में चर्चा की जाएगी। आपको बता दें कि इससे पहले 2023 में यूके के ब्लेचली पार्क में AI Summit का आयोजन किया गया था, जिसे ‘AI सेफ्टी समिट’ कहा गया। फिर 2024 में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में इसका आयोजन किया गया। 2025 में पेरिस में भी AI Impact Summit का आयोजन हुआ।
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भारत में AI सेक्टर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने इस सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए बड़ा निवेश किया है। भारत AI मिशन के लिए 10,372 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया है। इस फंड का मकसद है कि भारत में एक मजबूत और प्रभावशाली AI का इकोसिस्टम बनाया जाए। इसके लिए 38,000 से ज्यादा GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) ऑर्डर किए गए हैं। ये GPU 12 से ज्यादा AI मॉडल्स को ट्रेन करने में मदद करेंगे। सरकार ने भारत में AI टैलेंट को भी बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। नई पीढ़ी के छात्रों और प्रोफेशनल्स को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि देश में AI विशेषज्ञों की संख्या बढ़े। इससे भारत AI सेक्टर में अपना नाम बना सके और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके। इस समिट का उद्देश्य है कि भारत भी AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े और हेल्थ केयर, एजुकेशन, ट्रांसपोर्ट, खेती और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर में AI का उपयोग कर बड़े बदलाव लाए। इससे देश का विकास तेज होगा और लोगों की जिंदगी आसान बनेगी।
