ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बीकेटी क्षेत्र में कंटेनर चालक राममूर्ति की हत्या किसी गैर नहीं बल्कि उसी के मौसेरे भाई ने ही किया था। पुलिस सनसनीखेज मामले का राजफाश कातिल को गिरफ्तार कर लिया। सनद रहे कि सीतापुर निवासी कंटेनर चालक राममूर्ति का खून खून से लथपथ शव बुधवार को ट्रक की केबिन में पड़ा मिला था। यह घटना मानो ब्लाइंड मर्डर की तरह था, लेकिन पुलिस कुछ घंटों बाद हत्यारे की गर्दन तक पहुंचने में कामयाब हो गई। चालक की जान उसी के मौसेरे भाई संदीप ने ही ली थी। बताया जा रहा है कि राममूर्ति अक्सर लखनऊ आने-जाने के दौरान संदीप से मिलता था। घटना वाले दिन 19 जनवरी 2026 को राममूर्ति ने हरिद्वार से गाजीपुर जाते समय संदीप को फोन किया। उसे इंदिराबाग देशी शराब ठेके के पास मिलने के लिए बुलाया।

दोनों ने पहले शराब पी और फिर भिठौली क्रॉसिंग से मुर्गा खरीदकर संदीप के घर गए। वहां खाना बनाने के बाद उन्होंने दोबारा शराब पी। इसी दौरान संदीप की पत्नी ने बताया कि उसकी गैरमौजूदगी में राममूर्ति ने शराब के नशे में बहन से बदतमीजी की थी। इस पर संदीप और राममूर्ति के बीच विवाद शुरू हो गया। पत्नी के कहने पर संदीप, राममूर्ति को भिठौली क्रॉसिंग पर छोड़कर आ गया। इंदिराबाग अंडरपास के पास खड़े संदीप के ट्रक के पास पहुंचा। वहां उसने राममूर्ति से साली से बदतमीजी के बारे में सवाल किए, जिस पर दोनों के बीच फिर से कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर संदीप ने ट्रक में रखी लोहे की रॉड से राममूर्ति के सिर पर कई वार किए। इसके बाद उसने राममूर्ति का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
