भारत ने चुनावी तैयारियों के लिए नेपाल को भेंट किए 60 पिक-अप वाहन

Untitled 12 copy 11

शाश्वत तिवारी

काठमांडू। भारत ने एक बार फिर एक ‘अच्छे पड़ोसी’ का फर्ज निभाते हुए नेपाल को उसके आगामी आम चुनावों के लिए बड़ी मदद भेजी है। भारत ने नेपाल में पांच मार्च को होने वाले चुनावों के लिए 20 जनवरी को नेपाल सरकार को 60 पिक-अप गाड़ियां और अन्य आवश्यक चुनावी सामग्री तोहफे में दी हैं। भारत कुल मिलाकर 650 गाड़ियां और अन्य जरूरी सामान देने वाला है। यह 60 गाड़ियां उसी मदद का पहला हिस्सा हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के प्रभारी डॉ. राकेश पांडे ने नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल को ये खेप सौंपीं। भारतीय दूतावास ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि नेपाल सरकार ने चुनाव के लिए भारत से सहायता मांगी थी। भारत ने जो गाड़ियां और सामान दिया है, वह उसी मांग को पूरा करने के लिए है।

भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने उपहार में दी गई गाड़ियों और सामान के लिए भारत सरकार और भारत के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच संबंधों की गहरी और व्यापक प्रकृति की भी सराहना की। दूतावास ने कहा नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत 2008 से नेपाल को चुनाव से संबंधित सहायता प्रदान कर रहा है। इसमें लगभग 2,400 गाड़ियां शामिल हैं, जो भारत सरकार द्वारा नेपाल में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों, जिसमें चुनाव आयोग भी शामिल है, को उपहार में दी गई हैं। आगामी चुनावों के लिए, भारत द्वारा प्रदान की गई सहायता में लगभग 650 गाड़ियां शामिल हैं, जिन्हें अगले कुछ हफ्तों में अलग-अलग बैचों में पहुंचाया जाएगा।

ये भी पढ़े

सुखवन्त सिंह आत्महत्या मामले में SIT ने ऊधमसिंह नगर के SSP और चार दरोगाओं को किया तलब

बता दें कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में नेपाल की निरंतर सहायता करता रहा है। भारतीय पक्ष से चल रहा सहयोग और समर्थन न केवल दोनों देशों के बीच मौजूद बहुआयामी और बहु-क्षेत्रीय विकास साझेदारी का एक उपयुक्त प्रतिबिंब है, बल्कि यह भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरे आपसी विश्वास और दोस्ती का भी प्रतीक है।

Spread the love

Parliament
Analysis homeslider Politics

संसद में हंगामा ही सिर्फ मकसद नहीं होना चाहिए

Parliament लोकसभा और राज्यसभा का मानसून सत्र लगभग हंगामे की भेंट चढ़ गया है। जहां देश को आगे बढ़ाने के लिये चर्चा होना चाहिए, वहां दो सियासी घरानों के पुत्रों का अहंकार उसे ले डूबा, जबकि लोकतंत्र की बुनियाद इस बात पर टिकी है कि सदन में चर्चा, बहस और असहमति के माध्यम से देश […]

Spread the love
Read More
Cow urine
Analysis homeslider

गोमूत्र से कमाई मॉडल या चुनावी चमक

Cow urine उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर से गोमूत्र खरीद का जो पायलट मॉडल सामने आया है, उसे केवल गाय, गांव और संस्कृति की कहानी मानना आसान है, लेकिन असली सवाल इससे कहीं बड़ा है। सवाल यह है कि क्या सरकार गोमूत्र को सचमुच ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया उत्पाद बनाना चाहती है, या फिर ऐसी घोषणा […]

Spread the love
Read More
Politics
Analysis homeslider Politics

जातीय नारों की मंडी में 2027 का उत्तर प्रदेश किसका हिसाब करेगा

Politics उत्तर प्रदेश में चुनाव अभी आया नहीं है, लेकिन राजनीति ने मतदाताओं की जातियां गिननी शुरू कर दी हैं। नेताओं के पास बेरोजगारी का आंकड़ा हो या न हो, महंगाई का हिसाब हो या न हो, स्कूलों और अस्पतालों की हालत पर जवाब हो या न हो, लेकिन किस जाति की कितनी आबादी है, […]

Spread the love
Read More