बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों और हत्या की घटनाओं को लेकर भारत ने बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को प्रेस वार्ता में कहा कि बांग्लादेश सरकार इन घटनाओं से पल्ला नहीं झाड़ सकती और दोषियों को हर हाल में न्याय के कठघरे में लाना होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल के महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं चिंताजनक स्तर तक बढ़ी हैं। उन्होंने साफ कहा कि अंतरिम यूनुस सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह कानून व्यवस्था बनाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अब तक अल्पसंख्यकों के खिलाफ करीब 2900 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें हत्या, घरों में आगजनी, धमकी और जबरन पलायन जैसी घटनाएं शामिल हैं। भारत ने इन घटनाओं को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन करार दिया है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल ही में एक हिंदू युवक की हत्या की घटना की भारत कड़ी निंदा करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को किसी और रंग में पेश कर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उग्रवादी तत्वों द्वारा अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना न केवल आंतरिक मामला है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरा है।
भारत ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में भारत के खिलाफ जो गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं, उन्हें बार-बार खारिज किया गया है। भारत का रुख स्पष्ट है कि हिंसा और बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए बांग्लादेश की मौजूदा सरकार जिम्मेदार है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई, बौद्ध और सिख समुदायों की सुरक्षा स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता लगातार बनी हुई है।
इसी प्रेस ब्रीफिंग में भारत ने अमेरिका में H-1B वीजा इंटरव्यू रद्द किए जाने के मुद्दे पर भी चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय आवेदकों के इंटरव्यू अचानक महीनों के लिए टाल दिए गए हैं, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भारत ने इस विषय को नई दिल्ली और वाशिंगटन दोनों जगह अमेरिकी प्रशासन के समक्ष उठाया है।
