बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह एक महिला के हिजाब की ओर इशारा करते नजर आ रहे हैं। यह घटना मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के आचरण पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, पटना में आयोजित ‘संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1,283 आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे थे। इसी दौरान हिजाब पहने महिला डॉक्टर नूरसरत परवीन मंच पर पहुंचीं। वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने महिला के हिजाब को लेकर टिप्पणी की और कथित रूप से उसे छूते या खींचते हुए सवाल किया। इसके तुरंत बाद अधिकारी महिला को मंच से नीचे ले जाते नजर आए। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे महिलाओं के सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखा, जबकि कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के व्यवहार को असहज और अनुचित बताया।
नीतीश कुमार इससे पहले भी अपने सार्वजनिक बयानों और हावभाव को लेकर विवादों में रह चुके हैं। मार्च 2025 में एक खेल आयोजन के उद्घाटन के दौरान राष्ट्रगान के समय उनका मंच से हटना चर्चा में रहा था। इसके अलावा विधानसभा के भीतर दिए गए कुछ बयानों को लेकर भी विपक्ष ने पहले विरोध जताया था।
ताजा मामले पर राजद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री की आलोचना की, वहीं कांग्रेस ने इसे महिला के सम्मान के खिलाफ बताते हुए कड़ी निंदा की है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेताओं ने भी इस घटना को निंदनीय करार दिया है।
हालांकि, सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। लेकिन यह स्पष्ट है कि यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
