वाराणसी में जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व भगवान पार्श्वनाथ की जयंती के अवसर पर नगर निगम द्वारा जारी आदेश की अवहेलना करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने 15 दिसंबर को जैन तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के जन्मदिवस के सम्मान में शहर की सभी मांस, चिकन और मछली की दुकानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद कुछ दुकानदारों ने आदेश को नजरअंदाज करते हुए खुलेआम मछली की बिक्री जारी रखी।
नगर निगम के आदेश के बाद सोमवार को पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान निगम की टीम ने शहर के कई प्रमुख इलाकों में दुकानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान नदेसर, नई सड़क, बेनियाबाग, जगतगंज, चौकघाट सहित अन्य क्षेत्रों में करीब आधा दर्जन से अधिक दुकानें खुली हुई पाई गईं, जहां मछली बेची जा रही थी।
निरीक्षण टीम ने मौके पर ही इन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मछली को जब्त कर लिया। साथ ही नगर निगम के नियमों के उल्लंघन पर प्रत्येक दुकान पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई धार्मिक भावनाओं के सम्मान और नगर निगम के आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक अवसरों पर शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान बनाए रखने के लिए ऐसे प्रतिबंध लगाए जाते हैं। जैन समाज में भगवान पार्श्वनाथ की जयंती को विशेष पवित्र दिन माना जाता है और इस दिन मांसाहार पर रोक धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हुई है।
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नगर निगम ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में भी धार्मिक पर्वों और विशेष अवसरों पर इस तरह के आदेश जारी किए जा सकते हैं। यदि कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अधिक जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है। प्रशासन ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे नगर निगम द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और शहर की धार्मिक व सामाजिक भावनाओं का सम्मान करें। नगर निगम का कहना है कि इस तरह के निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
