मुंबई। अंधेरी पुलिस ने जोगेश्वरी स्थित रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स के मालिक पिता-पुत्र जयकुमार गुप्ता और सुयश गुप्ता के खिलाफ 31.26 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने जोगेश्वरी ईस्ट की एक रीडेवलपमेंट परियोजना में 18% वार्षिक रिटर्न का लालच देकर 18 निवेशकों को चूना लगाया।
शिकायत गुजरात के वापी के फार्मेसी कारोबारी महेश दोशी ने दर्ज कराई है। दोशी ने बताया कि मार्च 2021 में एक दलाल के जरिए उनकी मुलाकात गुप्ता परिवार से हुई। कंपनी ने दावा किया कि उनके पास जोगेश्वरी में एक बड़ा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट है और तुरंत फंडिंग की जरूरत है। प्रोजेक्ट के कागजात और प्लान दिखाकर उन्होंने 18% फिक्स्ड रिटर्न का भरोसा दिलाया।
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लालच में आकर अप्रैल 2021 में दोशी और उनके रिश्तेदारों ने RTGS से कंपनी के खाते में 8.26 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरू में 2021 से सितंबर 2024 तक TDS काटकर ब्याज मिलता रहा, लेकिन इसके बाद अचानक पेमेंट बंद हो गया। जब प्रिंसिपल राशि मांगी तो टालमटोल शुरू हो गई।
पड़ताल में पता चला कि गुप्ता परिवार ने यही तरीका अपनाकर किरीट देसाई सहित 17 अन्य निवेशकों से भी करोड़ों रुपये जुटाए और सबको चपत लगा दी। कुल मिलाकर 18 निवेशकों से 31.26 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान है।
पुलिस ने जयकुमार गुप्ता, सुयश गुप्ता और उनकी कंपनी के खिलाफ IPC की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 34 (सामान्य इरादा) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की है। दोनों आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश और बैंक खातों की जांच में जुटी है।
यह मामला मुंबई में रियल एस्टेट सेक्टर की उन काली करतूतों को फिर उजागर करता है जहां चमकदार प्रोजेक्ट प्लान और हाई रिटर्न का लालच देकर आम निवेशकों को ठगा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में निवेश से पहले RERA रजिस्ट्रेशन, प्रोजेक्ट की वैधता और बिल्डर का ट्रैक रिकॉर्ड जरूर चेक करना चाहिए।
