नया लुक ब्यूरो
पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार रविवार शाम को समाप्त हो गया। इस चरण में 243 सीटों में से शेष 122 सीटों पर मंगलवार (11 नवंबर) को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती शुक्रवार (14 नवंबर) को की जाएगी।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने 2,616 उम्मीदवारों में से 2,600 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया। इसके अनुसार, कुल उम्मीदवारों में से 431 राष्ट्रीय पार्टियों के हैं, 351 राज्य पार्टियों के, 908 पंजीकृत लेकिन अस्वीकृत पार्टियों के और 926 स्वतंत्र उम्मीदवार हैं।
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विश्लेषण में पता चला कि 838 उम्मीदवारों (32 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। तुलना करें तो 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में 3,722 उम्मीदवारों में से 1,201 (32 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी। 243 सीटों में से 164 सीटें (67 प्रतिशत) ‘रेड अलर्ट’ के रूप में चिह्नित हैं, यानी इन सीटों पर तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2020 में यह संख्या 217 सीटें (89 प्रतिशत) थी।
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आर्थिक रूप से देखें तो 2,600 उम्मीदवारों में से 1,081 (42 प्रतिशत) करोड़पति हैं। 2020 में 3,722 उम्मीदवारों में से 1,231 (33 प्रतिशत) करोड़पति थे। महिला उम्मीदवारों की संख्या भी पिछले चुनाव जैसी ही है। इस बार 254 (10 प्रतिशत) महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 371 (10 प्रतिशत) था।
