सऊदी में आयोजित ‘प्रवासी परिचय’ उत्सव में दिखे भारतीय राज्यों के विविध रंग

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 शाश्वत तिवारी

रियाद। सउदी अरब की राजधानी रियाद में भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित सांस्कृतिक उत्सव ‘प्रवासी परिचय’ के तीसरे संस्करण का 3 नवंबर को धूमधाम से समापन हुआ। 28 अक्टूबर को शुरू हुए इस सात दिवसीय आयोजन में भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला का रंगारंग प्रदर्शन किया गया। भारतीय दूतावास के सभागार में आयोजित उत्सव की शुरुआत बॉलीवुड म्यूजिकल नाइट से हुई, जिसमें प्रवासी भारतीय कलाकारों ने हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी।

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फेस्ट के दूसरे दिन, 29 अक्टूबर को सूफियाना कव्वाली नाइट का आयोजन हुआ, जिसमें सूफी संगीत की आत्मीयता और भारतीय संगीत परंपरा की नायाब झलक देखने को मिली। भारतीय दूतावास के अनुसार, इस मौके पर आयोजित स्टेट डे के तौर पर तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र, जम्मू एवं कश्मीर, गोवा और आंध्र प्रदेश की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया गया। आंध्र प्रदेश ने कुचिपुड़ी, अर्थनारीश्वर और वराह नृत्यों और जीवंत टॉलीवुड प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध कर दिया। तमिलनाडु ने शास्त्रीय संगीत, भरतनाट्यम, लोकगीत नृत्य और सिलंबम मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया।

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गोवा ने जीवंत कुनबी लोक नृत्य प्रस्तुत किया। जम्मू एवं कश्मीर ने मनमोहक रौफ नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। महाराष्ट्र ने लावणी और दही हांडी नृत्य के साथ एक दिव्य गणेश आराधना प्रस्तुति दी, जबकि तेलंगाना ने माथुरी और गुसादी लोक नृत्यों, बोनालु और बथुकम्मा समारोहों और ढोलक के गीत से लेकर शानदार कव्वाली तक शाम को जगमगा दिया। वहीं तीसरे दिन भारत के अन्य पांच राज्यों की विविधता को दर्शाया गया। इस दौरान गुजरात के गरबा, मटकी गरबा और डांडिया की ऊर्जा से मंच चमक उठा। वहीं कलाकारों ने कर्नाटक के कथक, कोलाटा, कूर्ग और कामसाले लोक नृत्यों, पारंपरिक कोला नृत्य, भावपूर्ण लोकगीतों और जीवंत टाइगर नृत्य व कव्वाली से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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इस अवसर पर ओडिशा की ओडिसी, संबलपुरी लोक नृत्य और आनंदमय दही पखाला नृत्य की धूम रही, जबकि पंजाब के ऊर्जावान भांगड़ा और मनमोहक गिद्दा के साथ-साथ पंजाबी संस्कृति पर एक जीवंत नाटक से मंच पर धूम मचा दी। इसके अलावा उत्तराखंड के समूह ने अपने पहाड़ी नृत्य और मधुर लोकगीतों से समा बांध दिया। उत्सव का समापन 3 नवंबर को ‘गीता महोत्सव’ से हुआ। इस अवसर पर महाभारत की पृष्ठभूमि पर आधारित एक संगीतमय नाट्य प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया, जिसमें भगवद गीता के शाश्वत संदेश को आधुनिक जीवन से जोड़कर पेश किया गया। रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, प्रवासी परिचय का उद्देश्य भारतीय समुदाय को एक मंच देना है, जहां वे अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को साझा कर सकें और भारत-सऊदी अरब के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बना सकें।

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