
- पार्टी मुख्यालय में मुस्लिम नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक
लखनऊ। इस बार मायावती की नजर मुस्लिम वोटरों पर है। यहीं कारण है कि बसपा सुप्रीमों ने पहली बार 36 मुस्लिम नेताओं के साथ बैठक कर रही हैं। इस बैठक में करीब 400 मुस्लिम पादधिकारी और जिलाध्यक्ष भी शामिल हुए हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक मुस्लिम समुदाय के बीच पार्टी की पहुँच को मज़बूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। मायावती के भतीजे और बसपा के मुख्य राष्ट्रीय संयोजक आनन्द भी इस बैठक में बड़ी भूमिका में नजर आ रहे हैं।
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बहुजन समाज पार्टी के माल एवन्यू स्थित राज्य मुख्यालय, में चल रही इस बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है पर माना जा रहा है कि लखनऊ में हुयी रैली की अपार सफलता से गदगद मायवती पाट्टी में संगठनात्मक विस्तार कर सकती है और इस बार इसमें मुस्लिम चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुस्लिम वोटरों को लेकर मायावती बेहद संजीदा है। एसआईआर को लेकर मुस्लिमों की चिन्ता भी इस बैठक का मुख्य एजेंडा है।
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वहीं कल जारी बयान में भी कहा गया है कि एसआईआर को लेकर मुस्लिमों की चिन्ता भी इस बैठक का मुख्य एजेंडा है। बसपा सुप्रीमों इस बारे में चुनाव आयोग के निर्देशों पर भी बात करेंगी। इस बैठक को आगामी चुनावों से पहले अपने सामाजिक गठबंधन को मजबूत करने के लिए बसपा के नए प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि बसपा ने इस महीने की शुरुआत में पार्टी के संस्थापक दलित नेता कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में एक प्रभावशाली जनसभा आयोजित की थी, जहां मायावती के संबोधन के लिए उत्तर प्रदेश और उसके बाहर से लाखों लोग एकत्रित हुए थे।

