कुछ ऐसे होते हैं कृष्ण पक्ष में जन्मे लोग, स्वभाव से निष्ठुर होने के साथ-साथ होते हैं क्रूर

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राजेन्द्र गुप्ता

हिंदू धर्म में ग्रहों और नक्षत्रों को लोग काफी महत्वपूर्ण मानते हैं। व्यक्ति के जन्म के समय से उसके भाग्य का और उसके स्वभाव का पता लगाया जाता है। जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है तो उसके जन्म के समय को सबसे पहले नोट किया जाता है। इसके द्वारा उसके ग्रहों नक्षत्रों को देखते हुए उसकी कुंडली बनाई जाती है जो उसका आने वाला भविष्य कैसा रहेगा इन सब बातों के बारे में पता लगता है। ज्योतिष के अनुसार बच्चे के जन्म के समय के साथ उसके स्वभाव पर उसके घर के माहौल का भी बेहद असर पड़ता है। इसी के साथ उसकी कुंडली में जो ग्रह विराजमान होते हैं वो भी उसके जीवन पर असर डालते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार व्यक्ति की कुंडली के ग्रहों से व्यक्ति के स्वभाव के बारे में बताया जा सकता है। जहां पर लोग अंग्रेजी कैलेंडर देखते हैं उसकी तरह से हिंदू धर्म का कैलेंडर पंचांग होता है। बता दें कि हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है। पंचांग अर्थात पांच कारकों तिथि, योग, करण, वार और नक्षत्र से मिलकर बनता हैं और इसी के आधार पर पंचांग द्वारा गणना की जाती है, इसलिए ही इसे पंचांग कहा जाता है।

पंचांग के अनुसार एक साल में 12 महीने होते हैं और जिसमें हर एक दिन को एक तिथि कहा जाता है। हर दिन की तिथि की अवधि 19 घंटों से लेकर 24 घंटे तक की होती है। पंचांग के अनुसार हर महीने में 30 दिन होते हैं। और इन दिनों की संख्या की गणना सूरज और चंद्रमा की गति के अनुसार निर्धारित की जाती है। चन्द्रमा की कलाओं के ज्यादा होने या कम होने के अनुसार ही महीने को दो पक्षों में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में बांटा गया है। इन दोनों ही पक्षों में जन्म लेने वाले जातकों के स्वभाव में काफी अंतर होता है। तो आज हम आपको बताएंगे कि कृष्ण पक्ष में जन्में लोग कैसे होते हैं। पूर्णिमा और अमावस्या के बीच के भाग को कृष्ण पक्ष कहा जाता है। पूर्णिमा के अगले दिन से ही कृष्ण पक्ष लग जाता है। बता दें कि कृष्ण पक्ष को अशुभ माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि इस पक्ष में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाने चाहिए। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पूर्णिमा के बाद चंद्रमा घटने लगता है जिसके बाद चंद्रमा की शक्तियां कम होने लगती है और चंद्रमा के आकार में भी कमी आने लगती और रातें अंधेरी होने लगती है इस कारण से इस पक्ष को शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए जो लोग पंचांग में विश्वास करते हैं वो कृष्ण पक्ष में कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं।

 

कैसे होते हैं कृष्ण पक्ष में जन्में लोग

कृष्णपक्ष में जन्म लेने वाले स्वभाव से निष्ठुर, द्वेषी स्वभाव, क्रूर होते हैं इसी के साथ वो ज्यादा सुंदर शरीर वाले भी नहीं होते हैं। हालांकि वो परिश्रमशील होते हैं। रात में जन्म लेने वाले लोग तामसिक स्वभाव वाले होते हैं और काम को छिपाकर कर करते हैं। इसी के साथ ऐसे लोग व्यर्थ में और अधिक बोलने वाले होते हैं।

हिंदी महीनों के अनुसार जन्म लेने वालों का स्वभाव

  1. इसी के साथ आषाढ़ महीने में जन्म लेने वाले लोग धर्म कर्म में रूचि रखते हैं लेकिन इसी के साथ ऐसे लोग आर्थिक तंगी से सदैव घिरे रहते हैं।
  2. माघ मास में जन्म लेने वाले लोग काफी बुद्धिमान होते हैं इसी के साथ उनमें पैसा कमाने की ललक होती है। किंतु वो बहुत ही खरा बोलते हैं।
  3. वहीं कार्तिक महीने में जन्म लेने वाले लोग स्वभाव से केवल निष्ठुर होते हैं लेकिन वो धनवान होते हैं।
  4. प्रतिपदा को जन्मे लोग दुर्जन और कुसंगी होते हैं।
  5. द्वितीया तिथि को जन्मे लोग स्वभाव से स्वार्थी होते हैं।
  6. तृतीया को जन्मे लोग स्वभान से ईर्ष्यालु प्रर्वत्ति के होते हैं।
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