इजरायल-अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल तेज हो गई है। सीजफायर खत्म होने में महज एक दिन शेष रहने के बीच डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी बढ़ती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान की ओर से शांति वार्ता पर कोई स्पष्ट जवाब न मिलने के बाद ट्रंप अब सीधे ईरान के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करने पर विचार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वह किसी भी कीमत पर इस टकराव को खत्म करने के मूड में हैं। इससे पहले ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि उसने बातचीत से इनकार किया, तो उसे “पहले कभी न देखी गई गंभीर समस्याओं” का सामना करना पड़ेगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता को हरी झंडी दे दी है। हालांकि अब तक अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की औपचारिक बातचीत की तारीख तय नहीं हो सकी है। इस बीच ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ होने वाला नया समझौता संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) से “कहीं बेहतर” होगा। वहीं ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर ग़ालिबफ़ ने साफ कहा है कि “धमकी और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते।”
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस, जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ समेत उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच रहा है, जहां ईरानी नेतृत्व के साथ अहम बातचीत की तैयारी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान के साथ प्रस्तावित डील “The Iran Nuclear Deal” यानी JCPOA से “FAR BETTER” होगी। ऐसे में अब सबकी नजरें इस संभावित वार्ता पर टिकी हैं, जो मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने में निर्णायक साबित हो सकती है।
