
Barabanki: उत्तर प्रदेश में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं। बाराबंकी के रामनगर तहसील क्षेत्र के हेतमापुर में सरयू नदी ने रविवार को भारी तबाही मचाई। तेज कटान के चलते कगार पर बनी मस्जिद, शंकरजी का मंदिर और करीब 10 मकान नदी में समा गए। इसके साथ ही कई अन्य मकान भी कटान की जद में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी भयावह स्थिति पिछले 18 वर्षों में नहीं देखी गई।
रातोंरात बढ़ा सरयू का जलस्तर, तेज हुआ कटान
हेतमापुर में शनिवार शाम तक सरयू नदी का जलस्तर सामान्य था। ग्रामीणों के मुताबिक, रात करीब दो बजे जलस्तर अचानक बढ़ने लगा और इसके साथ ही कटान ने भी रफ्तार पकड़ ली। सबसे पहले नदी के कगार पर बनी मस्जिद तेज बहाव की चपेट में आई। कुछ ही देर बाद पास का शंकरजी मंदिर भी नदी में समा गया।
इसके बाद नदी का कटान बाबा नारायण दास की तपोस्थली की ओर बढ़ गया। मंदिर के निचले हिस्से का लिंटर भी नदी की धारा में समा गया। तपोस्थली को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बोल्डर और ईंटों की बोरियां भी नहीं रोक सकीं कटान
मंदिर और आसपास की आबादी को बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से नदी में बोल्डर-पत्थर और ईंटों से भरी बोरियां डाली गईं, लेकिन सरयू की तेज धारा के सामने ये इंतजाम भी ज्यादा देर टिक नहीं सके।
ये भी पढें
18K, 22K या 24K गोल्ड? खरीदने से पहले ऐसे समझें सोने की शुद्धता और हॉलमार्क
कटान बढ़ता देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कई परिवारों ने अपने पक्के मकानों को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया, ताकि गृहस्थी का जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। गांव में अफरातफरी और चीख-पुकार का माहौल बना रहा।
पशु अस्पताल भी कटान की चपेट में
सरयू नदी का कटान अब पशु अस्पताल तक पहुंच गया है। अस्पताल की बाउंड्रीवाल नदी में समा चुकी है और भवन की ओर तेजी से कटान हो रहा है। खतरे को देखते हुए अस्पताल को खाली करा दिया गया है। जरूरी सामान भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
कटान की गंभीर स्थिति को देखते हुए रविवार को ADM निरंकार सिंह, SP अर्पित विजय वर्गीय, SP विवेक तिवारी और CMO डॉ. रंजन गौतम समेत कई अधिकारी हेतमापुर पहुंचे। SDM आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह भी सुबह से मौके पर मौजूद रहे और हालात का जायजा लेते रहे।
प्रशासन के मुताबिक, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी कराई गई है। बाढ़ खंड मंदिर को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कई परिवारों के मकान नदी में समाए
हेतमापुर में जगदीश वर्मा, रामतेज, मैकू, विनोद, संतोष, ब्रजेश, शिव नारायण, भिशोक, राम किशोर, श्रीराम, राजा राम, गीता देवी, छोटू, इश्तियाक, ननकू और कोमल समेत कई ग्रामीणों के मकान नदी में समा गए।
ये भी पढें
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में नया मोड़, हाई कोर्ट में बनी सहमति; कार्रवाई के दौरान पथराव
वहीं रहमत, अहमद, सलीम, मुन्ना, अय्यूब, इरफान, यूनुस, भड़काऊ, बकरीदी, रियाज, लवकुमार, मंशाराम, शोभाराम और बाबा दीन समेत कई अन्य ग्रामीणों के मकान भी कटान के मुहाने पर हैं।
पूरनपुर में भी तबाही, सात मकान और दो गायें बहीं
सरयू के दूसरे छोर पर बसे पूरनपुर में भी शनिवार रात कटान ने भारी तबाही मचाई। यहां रामानंद, सुरेश, राकेश, रामजतन, राज कुमार, कमला प्रसाद और मदन लाल के मकान नदी में समा गए।
मदन लाल के घर में बंधी दो गायें भी मकान के साथ नदी में बह गईं। फक्कड़, खुशीराम, भोला, दशरथ और शिवशंकर समेत कई अन्य ग्रामीणों के मकान भी कटान के मुहाने पर हैं। बेघर हुए परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
18 साल में पहली बार इतनी भयावह कटान
ग्रामीणों के अनुसार, हेतमापुर में पिछले 18 वर्षों में इतनी भयावह कटान नहीं हुई। नदी ने पशु अस्पताल की ओर तेजी से आबादी को काटा है। वहीं मस्जिद के पूरब करीब पांच बीघा खेती योग्य जमीन भी सरयू की धारा में समा गई। इससे आसपास की आबादी पर खतरा और बढ़ गया है।
रामनगर SDM आकांक्षा गुप्ता के मुताबिक, हेतमापुर में मस्जिद, शंकरजी मंदिर और करीब 10 घर नदी में समा चुके हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
18K, 22K या 24K गोल्ड? खरीदने से पहले ऐसे समझें सोने की शुद्धता और हॉलमार्क
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में नया मोड़, हाई कोर्ट में बनी सहमति; कार्रवाई के दौरान पथराव
कमजोर मानसून से मराठवाड़ा में सूखे का संकट, 74 तालुके सूखाग्रस्त घोषित
विश्व पर्यटन दिवस पर नेपाल में विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं पर जोर
कमजोर मानसून से मराठवाड़ा में सूखे का संकट, 74 तालुके सूखाग्रस्त घोषित

