H1N1 से ठीक होने के बाद भी रहें सावधान, दोबारा हो सकता है संक्रमण

क्यों बार-बार हो सकता है H1N1 संक्रमण?

New Delhi: देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई जगहों पर H1N1 संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि ज्यादातर मरीजों में लक्षण हल्के होते हैं और वे कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन एक सवाल लोगों को परेशान कर रहा है कि क्या स्वाइन फ्लू ठीक होने के बाद दोबारा भी हो सकता है?

डॉक्टरों के मुताबिक, हां, किसी व्यक्ति को स्वाइन फ्लू एक से अधिक बार हो सकता है। दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर एवं प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, ऐसा नहीं है कि H1N1 संक्रमण एक बार होने के बाद व्यक्ति भविष्य में इससे पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है।

एक बार होने के बाद दोबारा क्यों होता है स्वाइन फ्लू?

डॉ. सुभाष गिरि के मुताबिक, इंफ्लुएंजा वायरस के अलग-अलग स्ट्रेन मौजूद हैं। किसी व्यक्ति को जब एक स्ट्रेन से संक्रमण होता है तो शरीर में उस स्ट्रेन के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित हो सकती है। लेकिन भविष्य में यदि किसी दूसरे स्ट्रेन का संक्रमण हो जाए तो व्यक्ति को दोबारा फ्लू हो सकता है। इसलिए एक बार स्वाइन फ्लू से ठीक हो चुके लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए और संक्रमण से बचाव के जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए।

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H1N1 के अलावा ये स्ट्रेन भी कर सकते हैं संक्रमित

इंफ्लुएंजा वायरस के कई स्ट्रेन इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं। इनमें H1N1, H3N2, H1N2 और H3N1 जैसे स्ट्रेन शामिल हैं। H3N1 के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आते हैं, जबकि अन्य स्ट्रेन भी लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में दोबारा संक्रमण होने का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों को फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

दोबारा संक्रमित होने पर कैसे दिखते हैं लक्षण?

दोबारा स्वाइन फ्लू होने पर लक्षण आमतौर पर पहले संक्रमण जैसे ही हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • अचानक तेज बुखार
  • ठंड लगना
  • सूखी खांसी
  • गले में खराश
  • शरीर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • अत्यधिक कमजोरी
  • ज्यादा थकान महसूस होना

अगर किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई देते हैं और उसकी इम्यूनिटी कमजोर है, तो उसे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कुछ मामलों में कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

एक बार ठीक हुए हैं तो भी रहें सतर्क

स्वाइन फ्लू से एक बार ठीक होने के बाद यह मान लेना सही नहीं है कि अब संक्रमण दोबारा नहीं होगा। अलग-अलग स्ट्रेन के कारण दोबारा संक्रमण संभव है। इसलिए हाथों की साफ-सफाई, संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी और डॉक्टर की सलाह जैसे बचाव के उपायों का ध्यान रखना जरूरी है।

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