
शीतला सातम 2026: रांधण छठ से शुरू होती है तैयारी, अगले दिन नहीं जलता चूल्हा
गुजरात में शीतला सप्तमी (जिसे आमतौर पर शीतला सातम भी कहा जाता है) वर्ष 2026 में 3 सितंबर 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी। गुजरात में यह पर्व मुख्य रूप से श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है।
मुख्य बातें और परंपराएँ:
date: गुजरात में यह पर्व श्रावण मास के दौरान (विशेषकर कृष्ण पक्ष की सप्तमी या कई जगहों पर शुक्ल पक्ष की सप्तमी) को श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
रांधण छठ: इस त्योहार से एक दिन पहले रांधण छठ मनाई जाती है, जिस दिन अगले दिन के लिए पूरा भोजन पहले ही पका कर रख लिया जाता है।
चूल्हा न जलाना: शीतला सातम के दिन घरों में ताजा खाना नहीं पकाया जाता है और चूल्हा नहीं जलाया जाता है।
ठंडा भोजन: इस दिन माता शीतला को बासी या ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है और पूरा परिवार वही ठंडा प्रसाद ग्रहण करता है।
मान्यता: ऐसी मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से बच्चों और परिवार की चेचक, खसरा (मीजल्स) और अन्य संक्रामक रोगों से रक्षा होती है। महिलाएँ अपने बच्चों और परिवार की अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती हैं।
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One thought on “गुजरात में आज शीतला सप्तमी की धूम, ठंडे भोजन से जुड़ी है अनोखी परंपरा”
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