
ए अहमद सौदागर
Lucknow: बीस सितंबर 2014- राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज के सिसेंडी स्थित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, आधा दर्जन से अधिक लोगों के उड़े चीथड़े। 31 अगस्त 2025- गुडंबा के बेहटा कस्बे में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में पटाखा बनाते समय विस्फोट, दंपति के चीथड़े उड़े। 28 सितंबर 2012- पारा क्षेत्र के बादल खेड़ा स्थित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, दो चचेरी बहनों के चीथड़े उड़ गए।
यह तो महज बानगी भर है और भी यूपी के कई जिलों में अवैध रूप चल रही पटाखा फैक्ट्रियों में धमाके हो चुकें हैं और कईयों लोगों की जानें भी जा चुकीं हैं। घटनाओं के बाद पुलिस-प्रशासन की नींदे कुछ दिनों के लिए टूटी और दनादन छापेमारी शुरू हुई, लेकिन चंद दिनों बाद ही पूरी कवायद ठंडे बस्ते में चली गई। इसी लापरवाही का नतीजा है कि कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मनौरी बाजार में काफी दिनों से अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी और पुलिस-प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा था।
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नतीजतन सोमवार दोपहर पटाखा फैक्ट्री में ऐसा विस्फोट हुआ कि आसपास के मकानों की दीवारें हिल गई और इसकी चपेट में आकर मासूम बच्चों सहित एक दर्जन लोगों की मौत हो गई। गौर करें तो राजधानी लखनऊ सहित यूपी के अलग-अलग जिलों में अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान पहले भी कई बड़े हादसे हुए हैं।
लखनऊ और कौशांबी जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्री मानो कुटीर उद्योग की तरह चल रही है लेकिन पुलिस-प्रशासन चंद रुपयों के खातिर सबकुछ भूलकर अपनी जेब भरने में लगा रहा। बताया जा रहा है कि कौशांबी जिले में जिस जगह बड़ा हादसा हुआ वह फैक्ट्री काफी दिनों से अवैध रूप से संचालित थी लेकिन पुलिस-प्रशासन बेखबर रहा। इस दर्दनाक हादसा फिलहाल पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सवाल यह है कि प्रशासन की नींद टूटती है लेकिन बड़े हादसे के बाद।
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कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर हुआ भयावह हादसे ने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए। पुलिस फैक्ट्री मालिक नौसाद को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन बड़ा सवाल यह है क्या पुलिस-प्रशासन सो रहा था। लचर और लापरवाह व्यवस्था के कारण हुई इन मौतों में शामिल दस मासूम बच्चे थे। चार मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। हालांकि लापरवाही बरतने वाले आधा दर्जन दरोगा और दो सिपाहियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन हादसे के बाद।
घटना के बाद एडीजी जोन प्रयागराज ज्योति नारायण, आईजी रेंज अजय मिश्रा, मंडलायुक्त एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ अजय पाल शर्मा सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और बचाव कार्य के लिए निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द होने के बाद भी पटाखा फैक्ट्री धड़ल्ले से चल रही थी।
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