IAS दिव्या मित्तल ने क्यों दिया इस्तीफा? आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि छोड़नी पड़ी प्रतिष्ठित सेवा

Divya Mittal IAS Resignation

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

Divya Mittal IAS Resignation: 2013 बैच की तेजतर्रार IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर ने स्वाभाविक तौर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक अधिकारी, जिसने अपनी कार्यशैली और फैसलों से जनता के बीच अलग पहचान बनाई, उसे भारतीय प्रशासनिक सेवा छोड़ने का फैसला लेना पड़ा?

दिव्या मित्तल को करीब से काम करते देखने वालों के लिए उनका इस्तीफा महज एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल है। अधिकारी के तौर पर उनकी कुछ कमियां रही होंगी, आखिर अधिकारी भी इंसान हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली में स्पष्टता, तेज निर्णय लेने की क्षमता और काम के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा चर्चा में रही।

ये भी पढें

प्याज ने फिर रुलाया! 62 रुपये किलो पहुंचा भाव, दूध-चीनी से लेकर पेट्रोल-डीजल तक महंगाई की मार

मिर्जापुर से लेकर देवरिया तक उनकी तैनातियों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं होती रही हैं। देवरिया में उनके कार्यकाल और वहां के प्रशासनिक माहौल को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। कुछ चर्चाएं राजनीतिक दबाव से जुड़ी हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। लेकिन इतना सवाल जरूर उठता है कि अगर किसी ईमानदार और काम करने वाले अधिकारी को लगातार ऐसा माहौल मिले, जहां उसे अपने विवेक और नियमों के बजाय बाहरी दबावों के बीच काम करना पड़े, तो उसका मनोबल आखिर कब तक बना रह सकता है?

WhatsApp Image 2026 08 31 at 11.26.40 AM (1)

किसी अधिकारी का इस्तीफा केवल एक व्यक्ति का फैसला नहीं होता। कई बार उसके पीछे लंबे समय का मानसिक द्वंद्व, व्यवस्था से असहमति और काम करने के माहौल को लेकर निराशा छिपी होती है। कोई यूं ही आईएएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा छोड़ने का फैसला नहीं करता। दिव्या मित्तल के मामले में भी यही सबसे बड़ा सवाल है-क्या उन्होंने सिर्फ नौकरी छोड़ी है, या फिर उनके इस्तीफे के पीछे व्यवस्था से जुड़े कुछ ऐसे सवाल हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है?

ये भी पढें

दिल्ली में महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी, पति की तलाश जारी

देवरिया जैसे जिले में अधिकारियों के काम करने के माहौल को लेकर भी सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। यदि जनहित में निर्णय लेने वाले अधिकारियों पर किसी भी स्तर से अनुचित दबाव पड़ता है, तो इसका सीधा असर प्रशासनिक व्यवस्था और जनता के भरोसे पर पड़ता है। यह किसी एक अधिकारी का नहीं, पूरी व्यवस्था का सवाल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ऐसे मामलों को गंभीरता से देखना चाहिए। अफसरों से जवाबदेही जरूर होनी चाहिए, लेकिन उन्हें नियम-कानून और अपने विवेक के साथ निष्पक्ष होकर काम करने का वातावरण भी मिलना चाहिए। अधिकारी का मनोबल टूटेगा तो अंततः नुकसान जनता का ही होगा।

दिव्या मित्तल के पति गगनदीप भी अपनी प्रशासनिक कार्यशैली और व्यक्तित्व के लिए जाने जाते रहे हैं। ऐसे परिवार से आने वाली और स्वयं प्रशासन में उल्लेखनीय पहचान बनाने वाली अधिकारी का इस्तीफा निश्चित रूप से सामान्य घटना नहीं माना जा सकता। इसलिए दिव्या मित्तल के इस्तीफे को सिर्फ एक खबर की तरह नहीं, बल्कि एक सवाल की तरह देखना चाहिए, आखिर वह कौन-सी ऐसी परिस्थितियां थीं, जिसने दिव्या मित्तल जैसी एक बेहद ईमानदार और सक्षम जिलाधिकारी को इस्तीफा देने पर मजबूर किया और इस मुकाम तक पहुंचाया?

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

हिंदू महासभा नेता कमलेश तिवारी के बाद अब हिंदू वाहिनी नेता धीरेन्द्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या

एक सितंबर से बदलेंगे ये नियम, LPG से कार तक पड़ेगा असर

हैदराबाद के सात नामी रेस्टोरेंट पर TG SAFE की कार्रवाई, एक्सपायर्ड खाना और गंदगी मिलने से मचा हड़कंप

 

 

 

 

 

 

2 thoughts on “IAS दिव्या मित्तल ने क्यों दिया इस्तीफा? आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि छोड़नी पड़ी प्रतिष्ठित सेवा”

Comments are closed.

Religion Uttar Pradesh

नौतनवां SDM कुणाल ने डंडा नहर पर मूर्ति विसर्जन की तैयारियों का लिया जायजा

अधिकारियों संग विसर्जन व्यवस्था का निरीक्षण उमेश चन्द्र त्रिपाठी Maharajganj: महाराजगंज जिले के नौतनवां तहसील क्षेत्र अंतर्गत डंडा नहर के पास मूर्ति विसर्जन की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नौतनवां के उप जिलाधिकारी कुणाल ने आज मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके साथ नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार […]

Read More
New Delhi
homeslider National Politics

लद्दाख में 3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लद्दाख में लगभग 3,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और विकास कार्यों को गति देना है। परियोजनाओं के तहत परिवहन, बिजली, […]

Read More
World Food Day 2026
homeslider International

खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर फोकस

World Food Day 2026: विश्व खाद्य दिवस हर साल 16 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भुखमरी, कुपोषण और खाद्य असुरक्षा जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है। साथ ही यह दिन या दिलाता है कि भोजन केवल जीवन की जरूरत नहीं, […]

Read More