
Piyush Goyal, BJP Treasurer : भारतीय जनता पार्टी ने 17 अगस्त को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया। इस नई टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व पदाधिकारी राम माधव को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। इसी फेरबदल में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का नया राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पीयूष की नियुक्ति इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि वह नई राष्ट्रीय टीम में शामिल किए गए इकलौते मौजूदा केंद्रीय मंत्री हैं। अब वह सरकार में मंत्री पद के साथ भाजपा संगठन में भी अहम जिम्मेदारी संभालेंगे। इसी के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में गोयल को मोदी कैबिनेट से मुक्त किया जा सकता है?
एक व्यक्ति, एक पद की चर्चा से बढ़ा सस्पेंस
भाजपा में लंबे समय से एक अनौपचारिक परंपरा रही है कि नेता को संगठन और सरकार में एक साथ बड़ी जिम्मेदारी देने से बचा जाता है। हालांकि, यह कोई कठोर नियम नहीं है और पार्टी परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग फैसले लेती रही है।
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फिलहाल भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है कि पीयूष गोयल को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जा रहा है। गोयल की ओर से भी इस संबंध में कोई बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में कैबिनेट से उनकी संभावित विदाई की चर्चा फिलहाल अटकलों तक ही सीमित है।
व्यापार वार्ताओं में गोयल की अहम भूमिका
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में पीयूष गोयल सरकार की कई महत्वपूर्ण व्यापार वार्ताओं का हिस्सा रहे हैं। भारत के अमेरिका समेत कई देशों के साथ व्यापार समझौतों और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर चल रही बातचीत में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
ऐसे समय में जब भारत कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, वाणिज्य मंत्रालय से गोयल को हटाने का फैसला राजनीतिक और आर्थिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है।
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पहले भी संभाल चुके हैं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
पीयूष गोयल के लिए भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष का पद नया नहीं है। वह मार्च 2010 से मई 2014 तक पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके बाद केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने पर उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़ दी थी। गोयल का भाजपा संगठन से पुराना जुड़ाव रहा है। उनके पिता वेद प्रकाश गोयल भी लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रहे थे। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे।
मोदी सरकार में कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी
पीयूष गोयल ने मोदी सरकार के अलग-अलग कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले हैं। 2014 में उन्हें बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद उन्होंने रेल मंत्रालय का नेतृत्व किया। अरुण जेटली के अस्वस्थ रहने के दौरान गोयल ने वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली। 2019 में उन्होंने अंतरिम बजट भी पेश किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें लगातार दूसरी बार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। वह मुंबई उत्तर लोकसभा सीट से सांसद हैं।
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