
Oral Health and Heart Disease: ओरल हेल्थ को अक्सर लोग सिर्फ दांतों की सफाई तक सीमित मानते हैं, लेकिन मुंह की सेहत का असर शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है। खासकर मसूड़ों की बीमारी यानी पीरियोडोंटल डिजीज को लेकर हुए कई शोधों में इसे हृदय रोगों के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि मसूड़ों की बीमारी सीधे तौर पर हार्ट अटैक या अन्य हृदय रोगों का कारण बनती है, ऐसा अभी तक निर्णायक रूप से साबित नहीं हुआ है।
मसूड़ों की बीमारी से क्या हो सकता है असर?
जब मुंह की ठीक से सफाई नहीं होती, तो दांतों और मसूड़ों के आसपास प्लाक जमा होने लगता है। लंबे समय तक इसकी अनदेखी करने पर मसूड़ों में संक्रमण और सूजन की समस्या पैदा हो सकती है। गंभीर मसूड़ों की बीमारी में बैक्टीरिया और शरीर की सूजन से जुड़ी प्रक्रिया रक्त प्रवाह और पूरे शरीर पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं के जोखिम में भूमिका निभा सकती है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
विभिन्न अध्ययनों और मेटा-एनालिसिस में मसूड़ों की गंभीर बीमारी और हृदय रोगों के बीच संबंध देखा गया है। जिन लोगों को गंभीर पीरियोडोंटल बीमारी होती है, उनमें हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम कुछ अधिक पाया गया है।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि संबंध और सीधा कारण एक ही बात नहीं हैं। धूम्रपान, डायबिटीज, मोटापा, बढ़ती उम्र और खराब जीवनशैली जैसे कई ऐसे कारक हैं, जो मसूड़ों की बीमारी और हृदय रोग—दोनों के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
मसूड़ों की बीमारी की शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं। इसके बावजूद कुछ संकेतों को गंभीरता से लेना जरूरी है।
ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना
मसूड़ों में सूजन या लालिमा
लगातार मुंह से दुर्गंध आना
दांतों में ढीलापन महसूस होना
मसूड़ों का पीछे हटना
खाना चबाते समय दर्द
दांत और मसूड़ों के बीच गैप बढ़ना
अगर इनमें से कोई समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
धूम्रपान करने वाले, डायबिटीज से पीड़ित लोग, मोटापे से जूझ रहे व्यक्ति, उम्रदराज लोग और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में मसूड़ों की बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। खराब ओरल हाइजीन भी एक महत्वपूर्ण कारण है।
क्या मसूड़ों का इलाज दिल को स्वस्थ रख सकता है?
मसूड़ों का इलाज करने से शरीर में सूजन से जुड़े कुछ संकेतकों में सुधार देखा गया है, लेकिन अभी ऐसा पुख्ता प्रमाण नहीं है कि केवल पीरियोडोंटल उपचार से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा निश्चित रूप से कम हो जाता है।
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