
बारिश के बाद मिट्टी से क्यों आती है सोंधी खुशबू?
The smell of soil after rain: बारिश की पहली बूंदें जमीन पर पड़ते ही वातावरण में एक खास तरह की सोंधी खुशबू फैल जाती है। मिट्टी की यह खुशबू कई लोगों को बेहद पसंद होती है और बारिश के मौसम की याद दिलाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सूखी मिट्टी पर बारिश पड़ते ही ऐसी खुशबू क्यों आने लगती है?
इस खुशबू के पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि विज्ञान की बेहद दिलचस्प प्रक्रिया काम करती है। बारिश के बाद मिट्टी से आने वाली इस खास खुशबू को ‘पेट्रीकोर (Petrichor)’ कहा जाता है। इस शब्द का इस्तेमाल पहली बार 1960 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं इसाबेल जॉय बेयर और आर. जी. थॉमस ने किया था।
मिट्टी की खुशबू के पीछे कौन जिम्मेदार है?
बारिश के बाद आने वाली सोंधी खुशबू के लिए मुख्य रूप से जियोस्मिन (Geosmin) नाम का एक प्राकृतिक ऑर्गेनिक कंपाउंड जिम्मेदार माना जाता है। यह कंपाउंड मिट्टी में पाए जाने वाले कुछ सूक्ष्मजीवों, खासकर एक्टिनोमाइसीट्स से जुड़ा होता है।
जब लंबे समय तक बारिश नहीं होती, तब मिट्टी में मौजूद ये सूक्ष्मजीव निष्क्रिय अवस्था में रह सकते हैं। इस दौरान जियोस्मिन से जुड़े तत्व मिट्टी में मौजूद रहते हैं। जैसे ही बारिश की बूंदें जमीन से टकराती हैं, ये तत्व हवा में फैलने लगते हैं और हमारी नाक तक पहुंचते हैं। यही वजह है कि पहली बारिश के बाद मिट्टी की खुशबू ज्यादा तेज महसूस होती है।
ये भी पढें
प्याज काटते ही क्यों आने लगते हैं आंखों में आंसू? जानिए इसके पीछे का खास केमिकल रिएक्शन
पौधों के तेल का भी है योगदान
मिट्टी की सोंधी खुशबू सिर्फ जियोस्मिन की वजह से नहीं आती। सूखे मौसम के दौरान कई पौधे अलग-अलग तरह के प्राकृतिक तेल और रासायनिक पदार्थ छोड़ते हैं। इनमें से कुछ पदार्थ मिट्टी, चट्टानों और आसपास की सतहों पर जमा हो सकते हैं। बारिश होने पर पानी इन पदार्थों को सक्रिय करता है और वे हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के साथ फैलने लगते हैं। इससे बारिश के बाद वातावरण में आने वाली खास खुशबू और ज्यादा महसूस हो सकती है।
बारिश की बूंदें खुशबू को हवा तक कैसे पहुंचाती हैं?
यह प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प है। जब बारिश की बूंद जमीन पर गिरती है तो उसके टकराने से मिट्टी की सतह पर बेहद छोटे-छोटे एयर पॉकेट या बुलबुले बन सकते हैं। ये बुलबुले ऊपर की ओर उठते हैं और फूटने के दौरान मिट्टी में मौजूद जियोस्मिन और अन्य सुगंधित पदार्थों के बेहद छोटे कणों को हवा में पहुंचा देते हैं। इसके बाद ये कण हवा के साथ आसपास फैलते हैं और हमारी नाक तक पहुंचते हैं। इसी वजह से बारिश शुरू होने के कुछ ही समय बाद मिट्टी की सोंधी खुशबू महसूस होने लगती है।
इंसान की नाक जियोस्मिन को जल्दी पहचान लेती है
वैज्ञानिकों के अनुसार, इंसान की सूंघने की क्षमता जियोस्मिन के प्रति काफी संवेदनशील होती है। बहुत कम मात्रा में मौजूद होने के बावजूद हमारी नाक इसे आसानी से पहचान सकती है। इसके पीछे विकासवादी कारण भी बताए जाते हैं। माना जाता है कि प्राकृतिक वातावरण में पानी की मौजूदगी इंसानों और उनके पूर्वजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। बारिश और नम मिट्टी से जुड़ी गंध पानी या बारिश के संकेत के रूप में उपयोगी रही हो सकती है।
इसलिए बारिश की खुशबू इतनी खास लगती है
तो अगली बार जब बारिश के बाद आपको मिट्टी से आने वाली सोंधी खुशबू महसूस हो, तो समझिए कि इसके पीछे जियोस्मिन, मिट्टी के सूक्ष्मजीव, पौधों से निकले प्राकृतिक पदार्थ और बारिश की बूंदों की भौतिक प्रक्रिया मिलकर काम कर रही है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खबर, किराना दुकानदारों पर भी नहीं लगेगा अनिवार्य चार्ज
JPSC मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 2025 की प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग
भारत छोड़ो आंदोलन: 1942 की वो क्रांति, जिसने अंग्रेजों को हिला दिया
प्याज काटते ही क्यों आने लगते हैं आंखों में आंसू? जानिए इसके पीछे का खास केमिकल रिएक्शन
युवाओं की मेंटल हेल्थ पर भारी पड़ा Facebook-Instagram, Meta पर ₹9,030 करोड़ जुर्माना

