
प्रदेश के चयनित कैदियों को रखने एकमात्र जेल का हाल बेहाल
लंबे समय से अधीक्षक तैनात तो जेलर नहीं, जेलर तैनात तो अधीक्षक नहीं, अब दोनों नहीं
राकेश यादव
राजधानी के आदर्श कारागार में अब न कोई अधीक्षक है और न ही की जेलर तैनात है। अधीक्षक और जेलर विहीन इस जेल का संचालन डिप्टी जेलर के भरोसे चल रहा है। यह बात सुनने और पढ़ने के भले ही अटपटी लगे लेकिन सत्य है। यह सच विभाग में मोटी रकम लेकर विशेष ड्यूटी लगाने के लिए चर्चित AIG जेल प्रशासन को दिखाई ही नहीं पड़ता है। ऐसा तब है जब आदर्श कारागार के बगल स्थित राजधानी की जिला जेल में चार जेलर तैनात कर रखे गए हैं। उधर इस गंभीर मसले पर विभाग के उच्चाधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
राजधानी की आदर्श कारागार प्रदेश की एकमात्र ऐसी जेल है जहां पर सिर्फ प्रदेश भर के चयनित सजायाफ्ता कैदियों को ही रखा जाता है। इस जेल में कैदियों के पुनर्वास के लिए तमाम योजनाएं संचालित की जा रही है। सूत्र बताते है कि इस जेल में लंबे समय तक पहले किसी अधीक्षक की तैनाती नहीं की गई। लंबे समय तक इस जेल का अतिरिक्त प्रभार राजधानी की जिला जेल अधीक्षक के पास रहा। इस दौरान जेल में विशेष ड्यूटी लगाकर जेलर से काम कराया जाता रहा है। वर्तमान समय में इस जेल पर कोई जेलर ही तैनात नहीं है।
31 जुलाई को आदर्श कारागार में तैनात अधीक्षक एमपी सिंह सेवानिवृत हो गए। इस जेल में पिछले दो साल से कोई जेलर तैनात ही नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान समय में इस जेल पर तैनात डिप्टी जेलर धीरेन्द्र प्रताप सिंह को प्रभारी अधीक्षक/जेलर बना रखा गया है। इस जेल में प्रदेश भर की जेलों के रजिस्टर, मुलाकात पर्ची, कूपन समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर इन्हें जेलों पर भेजा जाता है। जेल में उद्योगों के उत्पादन के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों का बजट आवंटित किया जाता है। अधीक्षक और जेलर विहीन इस जेल में डिप्टी जेलरों की बल्ले बल्ले हो गई है। अधीक्षक और जेलर का हिस्सा डिप्टी जेलर डकार रहे है। यह सच न तो विभाग के मुखिया और न ही शासन में बैठे आला अफसरों को दिखाई पड़ रहा है। उधर इस संबंध में जब लखनऊ जेल परिक्षेत्र के डीआईजी रामधनी से बात की गई तो उन्होंने इसे शासन और मुख्यालय का मामला बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से ही मना कर दिया। विभाग ने वसूली के लिए चर्चित AIG जेल प्रशासन धर्मेंद्र सिंह तो फोन ही नहीं उठाते है।
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हटाए गए डिप्टी जेलरों की जेल पर हुई पुनः वापसी
आदर्श कारागार में बीते दिनों डिप्टी जेलर धीरेन्द्र प्रताप सिंह और अजीत सिंह ने जेल ने ही तैनात एक प्रशिक्षक की जमकर धुनाई कर दी थी। मामले की शिकायत विभागीय मंत्री से लेकर आयोग तक हुई। जांच में दोषी पाए गए दोनों डिप्टी जेलरों को हटा दिया गया था। ऊंची पहुंच और जुगाड के चलते हटाए गए दोनों डिप्टी जेलरों की जेल पर पुनः वापसी कर दी गई। इन दोनों डिप्टी जेलरों ने इन दिनों जेल में आतंक मचा रखा है। यह अधिकारी जेल के आवंटित बजट की बंदरबांट में जुटे हुए हैं।
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One thought on “बगैर अधीक्षक और जेलर के चल रही आदर्श कारागार!”
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