
Firing on PoK protesters : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। स्थानीय संगठनों के दावों के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें कई लोगों की मौत हुई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाया, जबकि प्रशासन की ओर से इस मामले पर अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं। यह मामला उस समय सामने आया जब बड़ी संख्या में लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार सुबह रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच तनाव बढ़ गया। इसके बाद गोलीबारी की घटना की जानकारी सामने आई।
JAAC ने लगाए गंभीर आरोप
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने दावा किया है कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया। संगठन के मुताबिक, पाँच जून से शुरू हुए प्रदर्शनों में अब तक करीब 70 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय सूत्रों की ओर से इस मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा कार्रवाई के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी चिनार चौक समेत कई इलाकों में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है और वे अपने मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। वहीं, सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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शहबाज गिल ने की पाक सेना की आलोचना
इस पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) नेता डॉ. शहबाज गिल ने पाकिस्तानी सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की आलोचना की है। गिल ने आरोप लगाया कि सैन्य कार्रवाई से कश्मीर मुद्दे को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो ने हालात की गंभीरता को दिखाया है। हालांकि, उन्होंने भी कहा कि मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक और सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
युवाओं की मौत पर जताई चिंता
शहबाज गिल ने दावा किया कि मारे गए लोगों में कई युवा शामिल थे। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से पीड़ित परिवारों के दर्द को समझने और शांति बनाए रखने की अपील की।
आंदोलन की अगली रणनीति पर नजर
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी आगे की रणनीति का ऐलान करने की तैयारी में है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। PoK में जारी यह तनाव पाकिस्तान सरकार, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक अधिकारों को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है।
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