
Green Bangles in Sawan : सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पवित्र माह में सुहागिन महिलाएं हरी चूड़ियां पहनती हैं, क्योंकि हरा रंग हरियाली, समृद्धि, सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्य प्रदीप तिवारी के अनुसार, धार्मिक मान्यता है कि सावन में हरी चूड़ियां धारण करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही यह वैवाहिक जीवन में प्रेम, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है।
सावन में क्या है हरे रंग का महत्व?
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, सावन का महीना वर्षा, हरियाली और प्रकृति के नवजीवन का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान चारों ओर फैली हरियाली सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और नई शुरुआत का संदेश देती है। यही कारण है कि हरे रंग को सावन का सबसे शुभ रंग माना जाता है। सावन में मनाए जाने वाले हरियाली तीज जैसे प्रमुख पर्वों में भी हरे रंग का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर महिलाएं हरे रंग के वस्त्र, चूड़ियां और श्रृंगार धारण करती हैं, जो सुख, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

भगवान शिव और प्रकृति का गहरा संबंध
ज्योतिषाचार्य प्रदीप तिवारी के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव का प्रकृति से विशेष संबंध माना गया है। उनका निवास हिमालय में बताया जाता है और उनकी पूजा में बेलपत्र, धतूरा, भांग जैसी हरी एवं प्राकृतिक वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। यही कारण है कि सावन में हरे रंग को भगवान शिव की प्रियता, प्रकृति के प्रति सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

चूड़ियों की खनक को क्यों माना जाता है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियों की मधुर खनक घर में सकारात्मक ऊर्जा और मंगलमय वातावरण का संचार करती है। सुहागिन महिलाओं के लिए चूड़ियां केवल श्रृंगार का हिस्सा नहीं, बल्कि सौभाग्य, अखंड सुहाग और वैवाहिक सुख का भी प्रतीक मानी जाती हैं। इसलिए सावन के पवित्र महीने में हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा विशेष रूप से शुभ और मंगलकारी मानी जाती है।

क्या अविवाहित लड़कियां भी पहन सकती हैं हरी चूड़ियां?
ज्योतिषाचार्य प्रदीप तिवारी के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक अविवाहित लड़कियां भी सावन में हरी चूड़ियां पहन सकती हैं। मान्यता है कि इस पवित्र महीने में माता पार्वती की पूजा के साथ हरी चूड़ियां धारण करने से मनचाहे और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना की जाती है। हालांकि, यह परंपरा पूरी तरह व्यक्ति की आस्था और धार्मिक विश्वास पर आधारित है।

सावन 2026 में बाजारों में बढ़ी रौनक
सावन 2026 के आगमन के साथ ही देशभर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। हरी चूड़ियां, मेहंदी, बिंदी, पूजा सामग्री और हरे रंग के परिधानों की खरीदारी तेज हो गई है। दुकानदारों के अनुसार, सावन के दौरान हर साल हरी चूड़ियों की मांग सबसे अधिक रहती है। महिलाएं अपनी पसंद के डिजाइन और रंगों की चूड़ियां खरीदकर सावन और हरियाली तीज जैसे पर्वों की तैयारियों में जुटी हुई हैं।

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