
NEET विवाद के बीच CJP और सरकार आमने-सामने
CJP Protest Meeting : NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक हुई। करीब 45 मिनट तक चली इस मुलाकात में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP की तरफ से आशुतोष राका और सौरव दास ने संगठन का पक्ष रखा। बैठक के दौरान CJP नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को एक मांग पत्र सौंपा। हालांकि, बैठक खत्म होने के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
CJP ने रखीं तीन बड़ी मांगें
बैठक के बाद CJP नेताओं ने मीडिया से बातचीत में बताया कि संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। CJP नेताओं ने साफ कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दूसरी मांग NEET विवाद से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की है। संगठन ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। तीसरी मांग प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज की गई FIR को वापस लेने की है। CJP का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
सरकार ने मांगा समय
CJP नेताओं के मुताबिक, सरकार ने उनकी तीन मांगों में से दो पर विचार करने का आश्वासन दिया है। वहीं, केंद्र सरकार ने अंतिम निर्णय लेने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है। CJP ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार तय समय तक कोई ठोस फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन को देशभर में और तेज किया जाएगा।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले कई दिनों से NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। CJP नेताओं का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सरकार के प्रतिनिधियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की थी। सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान हुई थी झड़प
जंतर-मंतर पर चल रहा CJP का प्रदर्शन कुछ समय पहले तनावपूर्ण हो गया था। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव और बोतलें फेंकने की घटना सामने आई थी। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद सरकार ने आंदोलनकारी नेताओं के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया। अब सभी की नजर शनिवार तक होने वाले फैसले पर है। देखना होगा कि सरकार और CJP के बीच जारी गतिरोध खत्म होता है या आंदोलन और तेज होता है।
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