
Jail मृतक बंदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए कई गंभीर आरोप
बुलंदशहर जेल में जेल प्रशासन के अधिकारियों की अराजकता थमने का नाम नहीं ले रही है। जेल में एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बंदी के परिजनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की पिटाई से घायल बंदी का समय पर सही इलाज नहीं होने से बंदी की मौत हो गई। मृतक बंदी की पहचान बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र के बेड़ा गांव निवासी प्रशांत के रूप में हुई है। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है। उधर जेल प्रशासन ने मामले पर चुप्पी साध रखी है।
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परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार 4 जिले की रात प्रशांत अपने पिता के साथ बुलंदशहर के डीबाई थाना क्षेत्र स्थित गांव तलवार में अपनी ससुराल जा रहा था। देर रात सवारी नहीं मिलने पर दोनों पैदल ही आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान उन्होंने एक बाइक को रोककर लिफ्ट लेने का प्रयास किया। जिस पर पुलिसकर्मी सवार थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तलाशी के दौरान उनके बैग में अवैध तमंचा रखकर फंसाया और मामले को रफादफा करने के लिए रुपए की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर रातभर चौकी में बैठाए रखा और इस दौरान उसकी जमकर पिटाई की गई। अगले दिन पिता को छोड़ दिया गया और घायल प्रशांत को जेल भेज दिया गया।
परिजनों का कहना है कि 7 जुलाई को वह जेल में मुलाकात करने गए उस दौरान प्रशांत ने पुलिस कर मारपीट किए जानेवोर तबियत खराब होने की बात कही थी। अगले दिन सुबह उन्हें सूचना मिली कि प्रशासन को दिल का दौरा पड़ा है। जिला अस्पताल पहुंचने पर उन्हें उनकी मौत की जानकारी दी गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने और समय पर उपचार नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि बुलन्दशहर जेल बंदियों से बेतहाशा अवैध वसूली और बंदियों के साथ जेल सुरक्षाकर्मियों का उत्पीड़न किए जाने को लेकर सुर्खियों में बनी रहती है। विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत में एक बार फिर बुलंदशहर जेल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है।
मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी: DIG
बुलंदशहर जेल में विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के सवाल पर मेरठ परिक्षेत्र के उन महानिरीक्षक सुभाष शाक्य ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस घटना के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जेल में बंदियों और सुरक्षाकर्मियों के उत्पीड़न और अवैध वसूली की शिकायत की भी जांच कराई जाएगी। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
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2 thoughts on “बुलंदशहर जेल में थम नहीं रही अवैध वसूली और उत्पीड़न!”
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