
- पश्चिम एशिया संकट का असर, आम आदमी पर बढ़ा महंगाई का बोझ
Delhi पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। राजधानी दिल्ली में चार साल बाद पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी Indian Oil Corporation के अनुसार, दिल्ली में सामान्य पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद अब पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल भी 2.71 रुपये महंगा होकर 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर कीमतें
पेट्रोल और डीजल की यह कीमतें 21 मई 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर मानी जा रही हैं। सिर्फ 15 मई 2026 से अब तक चार बार कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। इस दौरान दिल्ली में पेट्रोल 7.35 रुपये और डीजल 7.53 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार 15 मई 2026 को ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे, जिसके बाद लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है।
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प्रीमियम पेट्रोल और डीजल भी महंगे
दिल्ली में इंडियन ऑयल का प्रीमियम पेट्रोल एक्सपी 95 अब 109.24 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि प्रीमियम डीजल एक्सजी की कीमत बढ़कर 100.52 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।
दूसरे महानगरों में भी बढ़े दाम
कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल के दामों में तेजी देखी गई है।
- कोलकाता में पेट्रोल 51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
- चेन्नई में पेट्रोल 77 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
- कोलकाता में डीजल 82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- चेन्नई में डीजल 55 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
कच्चे तेल में गिरावट के बावजूद राहत नहीं
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत फिलहाल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। हालांकि, 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े थे। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
आम आदमी की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर अब परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।

