यदि देखनी है अपनी कॉपी को इस तरह करें ऑनलाइन आवेदन
कल यानी 22 मई तक सभी परीक्षार्थी भर सकते हैं अपने-अपने फॉर्म
दीपांशु यादव
CBSE यदि इस बार आप भी 10वीं या 12वीं की परीक्षा दिए हैं और मनमुताबिक आपको नम्बर नहीं मिले हैं। आपको लगता है कि कॉपियों का पुनरावलोकन हो जाए तो मेरे नम्बर बढ़ सकते हैं। तो जल्दी कीजिए। 22 मई तक आप केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर दीजिए। आपकी भी कॉपी जल्द ही आपको देखने को मिल जाएगी या फिर आपकी कॉपी दोबारा जांच दी जाएगी।
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CBSE 12वीं क्लास की डिजिटल कॉपी चेकिंग में कई परेशानियों के बाद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने ऑनलाइन पोर्टल खुलने में हो रही देरी के बाद 12वीं री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। अब छात्र आंसरशीट की स्कैन कॉपी मांगने के लिए 23 मई तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इससे पहले आवेदन की आखिरी तारीख 22 मई थी। जिन्हें OSM वाली स्कैन कॉपी मिल गई है, उन्होंने एक बार फिर CBSE बोर्ड के नए मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।
CBSE 12वीं की स्कैन कॉपी मिलने के बाद, फिर से बोर्ड के OSM सिस्टम पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। क्योंकि कई सोशल मीडिया कई एक्स यूजर्स ने दावा किया है कि उन्हें मिली स्कैन कॉपी बहुत ज्यादा धुंधली है। सवाल पूछे जा रहा हैं कि कॉपी इतनी धुंधली है कि इसे पढ़ा जाना भी मुश्किल है, फिर टीचर्स ने कॉपी कैसे चेक की और नंबर कैसे दिए गए।
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CBSE द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार 95परसेंट से ज्यादा नम्बर हासिल करने वाले छात्रों की संख्या 17 हजार 113 है। 17 हजार से ज्यादा छात्र टॉपर लिस्ट में हैं। वहीं 90 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लाने वाले कुल छात्र 94 हजार 28 हैं। 95 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाले कुल 0.97 प्रतिशत छात्र हैं, वहीं 90 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाले छात्रों का हिस्सा 5.32 प्रतिशत है। CBSE की तरफ से टॉपर्स के नाम जारी नहीं किए जाते हैं, सिर्फ उनकी संख्या बताई जाती है।
लड़कों के आगे रहीं लड़कियां
CBSE 12वीं के नतीजों में हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी है। 88.86 प्रतिशत लड़कियां पास हुई हैं, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 82.13 रहा। लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में 6.73 प्रतिशत ज्यादा रहा है। वहीं, ट्रांसजेंडर छात्रों ने इस साल भी 100 प्रतिशत सफलता हासिल की है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पास परसेंट में थोड़ी कमी देखी गई है। गौरतलब है कि पिछले साल 91.64 प्रतिशत लड़कियां और 85.70 प्रतिशत लड़के पास हुए थे।
