पीएम मोदी ने एक साल तक सोना खरीदने से क्यों मना किया? जानिए पूरी वजह

PMModi

PM Modi ने हाल ही में हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीदारी और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को कम करने की अपील की। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री का मुख्य उद्देश्य भारत की आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना है। लगातार बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत पर आयात का दबाव तेजी से बढ़ रहा है, खासकर कच्चे तेल और सोने के आयात का।

आखिर क्यों चिंता में है सरकार?

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। देश में इस्तेमाल होने वाले कुल सोने का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है। हर साल भारत करीब 700 से 800 टन सोना आयात करता है। सोने की बढ़ती कीमतों के कारण अब इसका आयात बिल भी तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट बढ़कर लगभग 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है यही वजह है कि सरकार फिलहाल गैर-जरूरी खर्चों और आयात को नियंत्रित करना चाहती है।

विदेशी मुद्रा भंडार क्यों हो रहा कमजोर?

Reserve Bank of India यानी RBI के आंकड़ों के मुताबिक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घट रहा है। कुछ महीनों पहले जहां यह रिकॉर्ड स्तर पर था, वहीं अब इसमें अरबों डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ा है। रुपये को स्थिर रखने के लिए RBI को लगातार डॉलर बेचने पड़ रहे हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है। अगर भारत सोना और कच्चा तेल कम आयात करेगा तो डॉलर की बचत होगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम पड़ेगा।

ये भी पढ़े

PBKS vs DC : प्लेऑफ की जंग में आज कौन मारेगा बाजी?

 

पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल को लेकर भी पीएम मोदी की बड़ी अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि देशवासियों को पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल बेहद सावधानी से करना चाहिए। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत का आयात बिल भी भारी हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से देश की आर्थिक विकास दर प्रभावित होती है और महंगाई भी बढ़ जाती है।

क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब सोना सस्ता होगा? फिलहाल विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में मांग थोड़ी कमजोर पड़ सकती है, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा। सोने की कीमतें मुख्य रूप से इन वैश्विक कारकों से तय होती हैं:

अमेरिकी डॉलर की मजबूती

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां

बॉन्ड यील्ड

कच्चे तेल की कीमतें

वैश्विक युद्ध और आर्थिक संकट

हालांकि हाल के दिनों में सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है। बाजार में निवेशकों को डर है कि बढ़ती तेल कीमतों के कारण महंगाई बढ़ सकती है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हो सकती है।

क्या भारत में सोने की मांग घट जाएगी?

भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। शादी, त्योहार और धार्मिक अवसरों पर सोने की खरीदारी भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा मानी जाती है। इसी वजह से विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक सोने की मांग में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। हालांकि, कुछ समय के लिए गैर-जरूरी ज्वेलरी खरीदारी में कमी जरूर आ सकती है।

ये भी पढ़े

पश्चिम एशिया तनाव पर भारत अलर्ट, राजनाथ सिंह बोले- घबराने की जरूरत नहीं

भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

अगर लोग सोने की खरीदारी कम करते हैं और ईंधन का सीमित इस्तेमाल करते हैं, तो इसका सीधा फायदा भारत की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है।

इसके कुछ बड़े फायदे हो सकते हैं:

विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा

व्यापार घाटा कम होगा

रुपये पर दबाव घटेगा

आयात बिल कम होगा

महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी

सरकार फिलहाल वैश्विक संकट के बीच आर्थिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है और पीएम मोदी की यह अपील उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने से बचने की अपील सिर्फ एक सामान्य सलाह नहीं है, बल्कि इसके पीछे देश की आर्थिक सुरक्षा जुड़ी हुई है। बढ़ते गोल्ड इम्पोर्ट, महंगे कच्चे तेल और घटते विदेशी मुद्रा भंडार को देखते हुए सरकार फिलहाल आर्थिक सतर्कता बरतना चाहती है। हालांकि सोने की कीमतों पर इसका सीमित असर पड़ सकता है, लेकिन अगर देशवासी इस अपील का पालन करते हैं तो भारत की अर्थव्यवस्था को लंबे समय में बड़ा फायदा मिल सकता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढ़े

पश्चिम एशिया तनाव पर भारत अलर्ट, राजनाथ सिंह बोले- घबराने की जरूरत नहीं

PBKS vs DC : प्लेऑफ की जंग में आज कौन मारेगा बाजी?

12 ज्योतिर्लिंगों में पहला सोमनाथ मंदिर क्यों है खास? जानिए इतिहास

सोमनाथ से प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान, भारत किसी दबाव में झुकने वाला नहीं

Spread the love

One thought on “पीएम मोदी ने एक साल तक सोना खरीदने से क्यों मना किया? जानिए पूरी वजह”

Comments are closed.

homeslider National Uttar Pradesh

बृजभूषण से सुलह के बाद बाबा रामदेव का बड़ा बयान

New Delhi: योग गुरु बाबा रामदेव और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही जुबानी जंग अब खत्म होती नजर आ रही है। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद विवाद के सुलझने के संकेत मिले हैं। रामदेव ने भी इस दिशा में स्पष्ट […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider National Politics

चंदा चोरी के बाद अब वोट चोरी भी हुई साबित

CEC को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करेः प्रमोद कुमार New Delhi: कांग्रेस सांसद और उप नेता राज्यसभा प्रमोद तिवारी ने कहा है कि भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी के बाद ‘‘मोदी सरकार’’ की संविधान तथा लोकतन्त्र की हत्या करके भारतीय जनतापार्टी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अपवित्र गठबन्धन से […]

Spread the love
Read More