ईरान-अमेरिका टकराव के बीच बढ़ी कूटनीतिक हलचल: ट्रंप सीधे शीर्ष नेतृत्व से कर सकते हैं बात
क्या है पूरा मामला?
ताइवान के राष्ट्रपति 22 से 26 अप्रैल के बीच Eswatini जाने वाले थे, जो अफ्रीका में ताइवान का एकमात्र राजनयिक सहयोगी है। लेकिन यात्रा से पहले ही Seychelles, Mauritius और Madagascar ने अचानक अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति रद्द कर दी।
ताइवान का आरोप
ताइवान के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला सामान्य नहीं था बल्कि चीन के राजनीतिक और आर्थिक दबाव का नतीजा है। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, यह अन्य देशों के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप है।
चीन-ताइवान विवाद क्या है?
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे एक अलग हुआ प्रांत कहता है। वहीं ताइवान खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश मानता है। इसी वजह से दोनों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
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कूटनीतिक असर
इस घटना से यह साफ है कि वैश्विक स्तर पर चीन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। छोटे देशों पर आर्थिक दबाव डालकर वह अपने पक्ष में फैसले करवाने में सक्षम होता जा रहा है।
ताइवान की स्थिति
आज ताइवान के पास केवल 12 देशों के साथ ही आधिकारिक संबंध बचे हैं। हाल के वर्षों में कई देशों ने चीन के साथ संबंध मजबूत करने के लिए ताइवान से दूरी बना ली है।
