नई दिल्ली। भारत की दिग्गज और पद्म विभूषण से सम्मानित पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि परिवार की ओर से की गई, जिससे पूरे देश के संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
अस्पताल में चल रहा था इलाज
जानकारी के अनुसार, आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट और सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पहले से ही फेफड़ों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं और ICU में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उनका इलाज चल रहा था। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कल होगा अंतिम संस्कार, मुंबई में श्रद्धांजलि की तैयारी
परिवार ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर कल सुबह 11 बजे मुंबई के लोअर परेल स्थित निवास ‘कासा ग्रैंड’ में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम चार बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देशभर से उनके चाहने वाले उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे।
योगी आदित्यनाथ और PM मोदी ने जताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन को कला और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि उनकी गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी धुनें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले भारतीय संगीत की सबसे बहुमुखी और प्रतिष्ठित आवाजों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि उनकी संगीत यात्रा ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में लाखों दिलों को छुआ।

20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गीत
आशा भोसले ने अपने लंबे और शानदार करियर में 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गीत गाए। उन्होंने भारतीय सिनेमा और संगीत को एक नई पहचान दी और अपनी सुरीली आवाज से कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया। उनके निधन से बॉलीवुड, संगीत जगत और पूरे देश में गहरा शोक व्याप्त है। संगीत की दुनिया में उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
