विदेश मंत्रालय ने भारत-अफ्रीका संबंधों पर सलाहकार समिति की बैठक की

Untitled 6 copy 4

शाश्वत तिवारी

विदेश : नई दिल्ली। भारत-अफ्रीका संबंधों पर विदेश मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने की। बैठक में व्यापार एवं निवेश, सुरक्षा, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग में बढ़ते संबंधों पर चर्चा की गई। बैठक में विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और विदेश मंत्रालय के कई आला अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान डॉ. जयशंकर ने भारत और अफ्रीका के बीच ‘अटूट मित्रता’ और साझा मूल्यों पर आधारित गहरे संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने जोर दिया कि भारत, अफ्रीका के विकास और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्री ने दोहराया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों और वैश्विक संस्थानों में अफ्रीका की मजबूत आवाज का समर्थन करता है।

डॉ. जयशंकर ने बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा आज भारत-अफ्रीका संबंधों पर एक सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। अफ्रीका के साथ हमारे ऐतिहासिक संबंधों और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव पर प्रकाश डाला। भारत द्वारा अफ्रीकी देशों तक पहुंच बनाने के प्रयासों पर चर्चा की, जिसमें व्यापार और निवेश, एलओसी और अनुदान, क्षमता निर्माण (विशेष रूप से शिक्षा और कौशल विकास), रक्षा तथा क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग शामिल हैं।

ये भी पढ़ें

ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में ‘एनर्जी लॉकडाउन’, शादी-ब्याह तक पर पाबंदी

बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच शिक्षा एवं कौशल विकास में सहयोग पर जोर दिया गया। भारत द्वारा अफ्रीकी देशों के लिए चलाए जा रहे आईटीईसी (भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग) कार्यक्रम और शिक्षा पहलों (जैसे ज़ांज़ीबार में आईआईटी) की सराहना की गई। इसके अलावा सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-संवाद पर भी जोर दिया गया, क्योंकि अफ्रीका में मौजूद 35 लाख भारतीय प्रवासी दोनों क्षेत्रों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं।

ये भी पढ़ें

मिडिल ईस्ट में जंग का खतरा गहराया: अमेरिका-इज़राइल की चेतावनी, ईरान में धमाकों से दहला तेहरान

दिल्ली में मौसम का मिजाज बदला, तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश

अधिक मास की मासिक दुर्गाष्टमी आज, माँ दुर्गा की पूजा से मिलेगी सुख-समृद्धि और शक्ति

बता दें कि भारत-अफ्रीका साझेदारी वर्तमान में ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग’ के एक नए और रणनीतिक चरण में है। यह संबंध अब केवल सहायता देने तक सीमित न रहकर तकनीकी सहयोग, डिजिटल बुनियादी ढांचे और सुरक्षा साझेदारी पर केंद्रित हो गया है। भारत और अफ्रीका ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025 में यह व्यापार 103 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह भी सर्वविदित है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बनकर उभरा है। यही वजह है कि अधिकतर अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं।

Spread the love

PM Modi Australia Visi
homeslider International

आस्ट्रेलिया देगा भारत को यूरेनियम

मोदी ने मेलबर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया, बोले- यहां आकर हैट्रिक लगाई PM Modi Australia Visi : PM  नरेंद्र मोदी दो दिन के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मैं 12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया आया हूं, यानी कि मेरी हैट्रिक […]

Spread the love
Read More
Yogi Adityanath
homeslider Uttar Pradesh

जिन्हें कब्रिस्तान प्यारा, वे ही राम मंदिर के विरोधी

योगी ने बांदा व बबेरू को दी 710 करोड़ से अधिक की 229 परियोजनाओं की सौगात Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को फिर निशाने पर रखते हुए इन सरकारों के कार्यों का अंतर बताया। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा कि कुछ लोग विरासत को अपमानित करते हैं। उन्होंने हिंदू परंपरा […]

Spread the love
Read More
ea12f5d0 1589 11f1 85e5 f3dff60d76ee.jpg
homeslider International

यूरेनियम के लिए जंग में जूझ रहे अमेरिका-ईरान, भारत ने कर रहा आस्ट्रेलिया से डील

India Australia Uranium Deal : जिस यूरेनियम के लिए ईरान और अमेरिका दशकों से एक दूसरे के खून के प्यासे हैं, जिस यूरेनियम को लेकर दोनों देश महीनों से आपस में भिड़े हैं और एक बार फिर जंग शुरू कर दी है, भारत उसी यूरेनियम से जुड़ा एक बहुत बड़ा समझौता करने जा रहा है। […]

Spread the love
Read More