दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित तकनीकी सम्मेलन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। Delhi Police ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
बताया जा रहा है कि भारत मंडपम में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कार्यक्रम के दौरान कुछ युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। बाद में जांच के दौरान संगठन के शीर्ष पदाधिकारी उदय भानु चिब को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
गिरफ्तारी के बाद उदय भानु चिब को Patiala House Court में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। किसी भी संभावित विरोध या हंगामे को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। कोर्ट के बाहर कांग्रेस समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, जो गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे।
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कांग्रेस ने बताया असंवैधानिक कदम
गिरफ्तारी के बाद Indian National Congress ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि यह गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है और विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
भूपेश बघेल ने जताई नाराजगी
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने भी इस गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं का अपनी बात रखना और सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताते हुए गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की।
लोकतंत्र और विरोध के अधिकार पर बहस
इस घटनाक्रम ने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर पुलिस का कहना है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है।
