- राजधानी लखनऊ में इससे पहले भी अपने बहा चुके हैं अपनों का खून
- किसी ने गेमिंग खेलने से मना करने पर तो किसी ने पढ़ाई के लिए डांटा तो बहा दिया खून
- आशियाना क्षेत्र में हुई घटना ने एक बार फिर पुराने जख्मों को किया ताजा
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में घरों में रहने वालों पर पेशेवर अपराधियों से अधिक अब अपनों से खतरा मंडराने लगा है। आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल में रहने वाले पैथोलॉजी संचालक 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद एक बार फिर साफ हो गया है कि जो अपने लाडले के भविष्य के लिए अपनी जीवन भर की कमाई लगा दी वही उनके लिए खतरा बन रहे हैं।
आशियाना थाना क्षेत्र के सेक्टर एल में रहने वाले पैथालॉजी संचालक 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की पत्नी की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। वह अपने 20 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा व बेटी के साथ रहते थे। मानवेंद्र अपने लाडले को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कहते थे, लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि जिस बेटे के भविष्य के लिए दबाव बनाते थे यह बातें उसे नागवार गुजरती है। वह बेटे को डांट-फटकार लगाई तो वह लड़ाई-झगड़ा करने लगा और बीस फरवरी 2026 को रायफल से गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया।
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जान लेने के बाद खुद गुमशुदगी दर्ज कराई थी
बेरहम बेटे ने पिता की हत्या करने के बाद किसी को पता न चले शव को दो हिस्सों में काटकर बाहर फेंक दिया, जबकि धड़ को एक कमरे में ड्रम में डालकर छिपा दिया। इसके बाद खुद ही थाने पहुंचा और पिता के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
सोमवार को आसपास के लोगों को जानकारी उस समय हुई जब कमरे से बदबू आने लगी। पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन शुरू की तो मानवेंद्र सिंह की लाश कमरे में पड़े ड्रम में मिली। संदेह होने पर पुलिस ने अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया और अपना जुर्म इक़बाल करते कहा कि पिता कत्ल किसी गैर ने नहीं खुद ही किया था। गौर करें तो सिर्फ मानवेंद्र सिंह हत्याकांड ही नहीं इससे पहले भी कईयो ने अपनों का खून बहाकर रिश्ते को कलंकित कर चुके हैं।
वर्ष 2024 में गुडंबा क्षेत्र के मायापुरी में एक शख्स ने अपनी 14 साल की बेटी की सोते समय बेरहमी से मौत की नींद सुला दिया।
वर्ष 2025 में कैसरबाग इलाके में बेटी सोना की हत्या कर दी और 36 घंटे बाद पुलिस को सूचना दी।
वर्ष 2025 में आलमबाग क्षेत्र में दामाद ने सास-ससुर को चाकू से गोदकर बेरहमी से मौत की नींद सुला दिया।
वर्ष 2022 में विकासनगर क्षेत्र के सेक्टर दो में रहने वाले इंडियन आयल कारपोरेशन से सेवानिवृत्त महमूद अली खान, उनकी पत्नी, बेटे शावेज की हत्या उनके बड़े बेटे सरफराज ने की थी। यह तो महज बानगी भर है और भी कई लोगों ने अपनों का खून बहाकर रिश्ते को कलंकित कर चुके हैं।
