केरल : केंद्र सरकार ने एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के नाम में बदलाव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केरल का नाम आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। यह फैसला राज्य सरकार और विधानसभा की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के गठन के समय से ही स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नाम बदलने की मांग उठती रही है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने इस ऐतिहासिक मांग को स्वीकार करते हुए इसे मंजूरी प्रदान कर दी है।
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यह महत्वपूर्ण बैठक नए प्रधानमंत्री कार्यालय भवन ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की गई, जो प्रधानमंत्री कार्यालय का नया परिसर है। इससे पहले राज्य की विधानसभा ने जून 2024 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र से आधिकारिक नाम परिवर्तन का अनुरोध किया था।
राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा था कि ‘केरलम’ नाम राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को अधिक सही तरीके से दर्शाता है। इससे पहले भी विधानसभा ने 2023 में इसी तरह का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन तकनीकी सुझावों के कारण इसमें संशोधन करना पड़ा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने और स्थानीय पहचान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
