
भारतीय घरेलू क्रिकेट में इस बार एक नई इबारत लिखी गई है। जम्मू-कश्मीर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार प्रतिष्ठित रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में मजबूत और अनुभवी टीम बंगाल को हराकर जम्मू-कश्मीर ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। चौथी पारी में 126 रन का लक्ष्य टीम ने 6 विकेट शेष रहते पूरा कर लिया, जो खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और धैर्य को दर्शाता है। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे आकिब नबी, जिन्होंने लगातार दूसरे मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया।
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उन्होंने पूरे मैच में कुल 9 विकेट चटकाए, जिसमें पहली पारी के पांच अहम विकेट शामिल रहे। वहीं बल्लेबाजी में अब्दुल समद ने जिम्मेदारी निभाते हुए पहली पारी में 82 रन और दूसरी पारी में नाबाद 30 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। बंगाल की पहली पारी में सुदीप कुमार घरामी के 146 रन और मोहम्मद शमी की घातक गेंदबाजी के बावजूद जम्मू-कश्मीर ने हिम्मत नहीं हारी। दूसरी पारी में बंगाल को मात्र 99 रन पर समेटकर मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया गया। इस जीत ने साबित कर दिया कि जम्मू-कश्मीर की टीम अब सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरती है।
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One thought on “जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक मील का पत्थर, पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचा”
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