भारत-ब्रिटेन के बीच सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा समझौता, प्रवासी कामगारों को होगा लाभ

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 शाश्वत तिवारी

नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच सामाजिक सुरक्षा योगदान से जुड़े एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन सीबी ओबीई ने यहां समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के प्रवासी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड उत्तरी आयरलैंड के बीच संपन्न समझौता दोनों देशों के बीच टैलेंट की मोबिलिटी को बढ़ावा देगा और अस्थायी विदेश नियुक्तियों पर जाने वाले कर्मचारियों को दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से राहत दिलाएगा।

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विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा भारत, कम समय के लिए विदेश में काम करने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स/स्किल्ड वर्कर्स के हितों की रक्षा करने और भारतीय कंपनियों की कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए दूसरे देशों के साथ बाइलेटरल सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट (एसएसए) कर रहा है। बयान में कहा गया है इसका मकसद दोनों देशों के उन कर्मचारियों के लिए डबल सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन से बचना है, जो एक-दूसरे के इलाकों में 36 महीने तक के समय के लिए टेम्पररी असाइनमेंट पर हैं। इससे सर्विस सेक्टर में भारत-यूके पार्टनरशिप बढ़ेगी और दोनों देशों के हाई स्किल्स और इनोवेटिव सर्विस सेक्टर को फायदा मिलेगा।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा टेम्पररी विदेश असाइनमेंट पर कर्मचारियों के डबल सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन को खत्म करके, यह एग्रीमेंट दोनों देशों के बीच टैलेंट की मोबिलिटी को सपोर्ट करेगा और कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ाएगा। यह एग्रीमेंट ब्रिटेन के साथ भारत की ट्रेड डील का हिस्सा है और सीईटीए के साथ लागू होगा, जिसे इस साल की पहली छमाही में लागू करने की योजना है। भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय बातचीत में लगातार तरक्की हो रही है, जो आर्थिक संबंधों को मजबूत करने वाले व्यवहारिक तरीकों पर केंद्रित है।

 

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