चमत्कार नहीं, मन का बदलाव ही असली दर्शन है: प्रेमानंद

premanand maharaj 3

नया लुक डेस्क

लखनऊ। एक सत्संग संवाद के दौरान श्रद्धालुओं ने महाराज जी से प्रश्न किया कि वे लंबे समय से नाम जप कर रहे हैं, फिर भी उन्हें कोई चमत्कार या दर्शन क्यों नहीं हुआ। इस पर महाराज जी ने बेहद भावपूर्ण उत्तर देते हुए कहा कि सबसे बड़ा चमत्कार यही है कि इतने पापों और विकारों के बीच भी व्यक्ति प्रभु का नाम जप रहा है। महाराज जी ने समझाया कि भक्ति का उद्देश्य चमत्कार देखना नहीं, बल्कि भीतर प्रेम और परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि अगर नाम जप से क्रोध कम हुआ है, मन शांत हुआ है और दूसरों के दुख में करुणा जागी है, तो यही भगवान का सच्चा दर्शन है।

उन्होंने यह भी कहा कि भगवान कोई जादू का खेल नहीं हैं, बल्कि वे हृदय के शुद्ध भावों में प्रकट होते हैं।

ये भी पढ़े

ओवैसी का बड़ा बयान: “बदले की राजनीति छोड़ो, पहले बदलाव लाओ”

सत्संग का मुख्य संदेश रहा— “चमत्कार की तलाश छोड़ो, प्रभु के प्रेम में खुद को खो दो।”

ये भी पढ़े

अब आया मजा: सांसद का नाम भी कटा, अब पंगे में फँसेगा स्थानीय प्रशासन

 

 

 

 

गुरु प्रदोष
homeslider Religion

गुरु प्रदोष: कर्ज मुक्ति और विवाह बाधा दूर करने के लिए आज शाम जरूर करें…ये विशेष उपाय

राजेन्द्र गुप्ता प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है, जो प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी और शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है। वर्ष 2026 के वैशाख मास, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को यह व्रत गुरुवार, 14 मई को पड़ रहा है। गुरुवार का दिन गुरु (बृहस्पति) ग्रह को समर्पित है। […]

Read More
अपरा एकादशी
homeslider Religion

अपरा एकादशी व्रत आज: भगवान विष्णु की कृपा पाने का विशेष दिन, जानें तिथि व महत्व और पूजा विधि

राजेन्द्र गुप्ता ज्येष्ठ मास में आने वाली पहली एकादशी का नाम अपरा एकादशी है। ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम अपरा एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जो व्यक्ति एकादशी का व्रत पूरे विधि विधान के साथ करता है। उसकी सारी मनोकामनाएं […]

Read More
Untitled 25 copy
homeslider Religion

रवि योग क्या होता है और जानें इसकी खासियत व महत्व

राजेन्द्र गुप्ता ज्योतिष में अनेक प्रकार के योग का वर्णन मिलता है, इनमें से जहां कुछ शुभदायक योग होते है तो वहीं कुछ अशुभ भी होते है। शुभ योग में गजकेसरी योग, बुधादित्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवियोग सहित अनेक योग शामिल हैं तो वहीं अशुभ योग में विष योग, कालसर्प योग आदि का नाम […]

Read More