उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से सामने आई एक खबर ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जिले के डीएम और 2016 बैच के आईएएस अधिकारी पुलकित गर्ग ने ऐसा फैसला लिया है, जो आज के समय में किसी मिसाल से कम नहीं माना जा रहा। आमतौर पर जहां अधिकारी और संपन्न वर्ग अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना पसंद करते हैं, वहीं डीएम पुलकित गर्ग ने अपनी 3.5 साल की बेटी शिया का दाखिला सरकारी आंगनवाड़ी केंद्र में कराकर समाज को एक मजबूत संदेश दिया है। डीएम पुलकित गर्ग का यह कदम न केवल सरकारी शिक्षा व्यवस्था में भरोसा दिखाता है, बल्कि आम लोगों की उस सोच को भी चुनौती देता है, जिसमें सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को कमतर माना जाता है। चित्रकूट के सदर ब्लॉक स्थित धनुष चौराहा आंगनवाड़ी केंद्र में उनकी बेटी अब गांव के अन्य बच्चों के साथ पढ़ेगी और खेलेगी।
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आईएएस पुलकित गर्ग का मानना है कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन केंद्रों में प्रशिक्षित स्टाफ, पोषण आहार और शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। जब प्रशासन खुद इन संस्थानों पर भरोसा दिखाएगा, तभी आम जनता का विश्वास भी बढ़ेगा। इस फैसले का असर सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है। स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का मनोबल भी इस कदम से काफी बढ़ा है। कई अभिभावकों ने भी अब अपने बच्चों को सरकारी संस्थानों में दाखिला दिलाने पर दोबारा विचार शुरू कर दिया है।
कौन हैं IAS पुलकित गर्ग?
आईएएस पुलकित गर्ग 2016 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2015 में ऑल इंडिया 27वीं रैंक हासिल की थी। वे IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुके हैं।उनके पिता प्रदीप गर्ग हरियाणा ग्रामीण बैंक में मैनेजर हैं, जबकि उनकी पत्नी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में अधिकारी हैंआईएएस पुलकित गर्ग का यह फैसला बताता है कि अगर नीति बनाने वाले खुद सरकारी व्यवस्थाओं पर भरोसा करें, तो समाज में बदलाव आना तय है।
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